On SIR, JDU MP Giridhari Yadav’s Statement: बिहार में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना कर रहा है। वहीं, संसद के मॉनसून तीसरे दिन यानी बुधवार को विपक्षी दल के नेता तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के सांसद गिरिधारी यादव ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की है। उन्होंने इसे जबरन थापे जाने का आरोप लगाया है।
पढ़ें :- यूपी मतदाता सूची गड़बड़ी मामले में बड़ा एक्शन, पीलीभीत में दो एसडीएम के खिलाफ FIR दर्ज
संसद भवन के परिसर में एक समाचार एजेंसी से बातचीत में एसआईआर को लेकर जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने कहा, “चुनाव आयोग को व्यावहारिक ज्ञान नहीं है। उसे न तो बिहार का इतिहास पता है और न ही भूगोल। मुझे सारे दस्तावेज़ इकट्ठा करने में 10 दिन लग गए। मेरा बेटा अमेरिका में रहता है। वो एक महीने में दस्तख़त कैसे कर देगा? ये (एसआईआर) हम पर ज़बरदस्ती थोपा गया है। इसके लिए कम से कम 6 महीने का समय दिया जाना चाहिए था।”
हालांकि, जेडीयू सांसद ने ये स्पष्ट किया कि ये उनकी निजी राय है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी निजी राय दे रहा हूं। पार्टी क्या कह रही है, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। यही सच्चाई है। अगर मैं सच नहीं बोल सकता, तो सांसद क्यों बना हूं?”
बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने बिहार में चुनाव आयोग की SIR के मुद्दे पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, “विपक्ष बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर संसद में विरोध प्रदर्शन करेगा। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक चुनाव आयोग सुनवाई नहीं करता।”