पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम बुधवार को कोलकाता में अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के घर पहुंची। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें प्राइमरी टीचर भर्ती घोटाले (Teacher Recruitment Scam) से जुड़े धन शोधन मामले (Money Laundering Cases) में समन दिया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम बुधवार को कोलकाता में अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के घर पहुंची। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें प्राइमरी टीचर भर्ती घोटाले (Teacher Recruitment Scam) से जुड़े धन शोधन मामले (Money Laundering Cases) में समन दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी को 15 जून को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस दिन उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होकर सवालों के जवाब देने होंगे। यह पूरा मामला प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों और अवैध लेनदेन से जुड़ा है।
ईडी (ED) की इस कार्रवाई के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पहले भी कई बार केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर चुके हैं। इस नई कार्रवाई ने बंगाल की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल इस मामले में बहुत विस्तार से जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन समन मिलने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) का अगला कदम क्या होगा। टीएमसी नेतृत्व और खुद अभिषेक बनर्जी इस नए नोटिस पर क्या रुख अपनाते हैं? यह देखना काफी अहम होगा।