आज हम बात कर रहे हैं सोशल मीडिया के उस 'ग्लो' की, जो असल में सिर्फ़ एक फ़िल्टर है। आजकल इंस्टाग्राम और रील्स पर हर कोई बिना किसी डिग्री या जानकारी के "स्किन केयर एक्सपर्ट" बना बैठा है। हर दूसरे वीडियो में लोग दावा करते हैं कि 2 दिन में कांच जैसी स्किन मिलेगी। लेकिन इस चमक के पीछे का सच कुछ और ही है। तीन बातें जो आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है।
नई दिल्ली। आज हम बात कर रहे हैं सोशल मीडिया के उस ‘ग्लो’ की, जो असल में सिर्फ़ एक फ़िल्टर है। आजकल इंस्टाग्राम और रील्स पर हर कोई बिना किसी डिग्री या जानकारी के “स्किन केयर एक्सपर्ट” बना बैठा है। हर दूसरे वीडियो में लोग दावा करते हैं कि 2 दिन में कांच जैसी स्किन मिलेगी। लेकिन इस चमक के पीछे का सच कुछ और ही है। तीन बातें जो आपके लिए जानना बेहद ज़रूरी है।
फ़िल्टर का झूठ: जो स्किन आपको स्क्रीन पर एकदम साफ़ और ग्लो करती दिखती है, वो 99% मामलों में सिर्फ़ अच्छी लाइटिंग और फ़िल्टर का कमाल होती है। असली स्किन में पोर्स (Pores) और थोड़ा टेक्सचर होना बिल्कुल सामान्य है।
खतरनाक घरेलू नुस्खे: बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के लोग टूथपेस्ट, बेकिंग सोडा या नींबू जैसी चीजें चेहरे पर लगाने को कहते हैं। ये चीजें आपकी स्किन की कुदरती परत को हमेशा के लिए ख़राब कर सकती हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह है ख़तरनाक: बिना सर्टिफ़ाइड इन्फ्लुएंसर्स के कहने पर कोई भी केमिकल या क्रीम इस्तेमाल करने से चेहरे पर एलर्जी, जलन और मुहांसे बढ़ सकते हैं।
इन्फ्लुएंसर्स को प्रोडक्ट्स प्रमोट करने के पैसे मिलते हैं। जो चीज़ उन्हें सूट कर रही है, ज़रूरी नहीं कि वो आपकी स्किन टाइप के लिए भी सही हो। डॉक्टर आपकी स्किन टाइप,मॉइस्चराइज़र और अंदरूनी समस्याओं को देखकर सही ट्रीटमेंट देते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट जो क्रीम या क्लींजर लिखते हैं, वे साइंस और रिसर्च पर आधारित होते हैं, न कि किसी वायरल रील पर। इन्फ्लुएंसर्स के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं होती। वे केवल वही बोलते हैं जो ट्रेंड कर रहा होता है या जिसके लिए उन्हें पैसे मिलते हैं।
हर स्किन की ज़रूरत अलग है,आपकी त्वचा ड्राई है,ऑयली है या सेंसिटिव यह सिर्फ एक क्वालिफाइड डॉक्टर ही समझ सकता है। जो प्रोडक्ट किसी इन्फ्लुएंसर को सूट कर गया, हो सकता है वो आपके चेहरे पर एलर्जी या पिंपल्स कर दे। बिना सलाह के इस्तेमाल किए गए केमिकल्स या नुस्खे आपकी स्किन बैरियर (सुरक्षा परत) को हमेशा के लिए नुकसान पहुँचा सकते हैं। हाल ही में कई युवाओं ने वायरल रील देखकर चेहरे पर बेकिंग सोडा और नींबू का पेस्ट लगाया, यह सोचकर कि रातों-रात ग्लो आ जाएगा। नतीजा? त्वचा पर भयंकर जलन, रेडनेस (लाली) और केमिकल बर्न (त्वचा का जलना) जिस ग्लो के लिए उन्होंने यह नुस्खा अपनाया, उल्टा उनका चेहरा हफ्तों के लिए खराब हो गया। ग्लो किसी शॉर्टकट से नहीं, सही देखभाल से आता है। अपने चेहरे के साथ कोई प्रयोग न करें। अगर स्किन में कोई समस्या है, तो किसी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) की ही सलाह लें, किसी वायरल रील की नहीं। चेहरा कोई लैब नहीं है जहाँ आप रोज़ नए एक्सपेरिमेंट करें। बिना सोचे-समझे किसी वायरल रील के बहकावे में न आएँ। अगर त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या है। तो त्वचा विशेषज्ञ को तुरंत संम्पर्क करे।
रिपोर्ट: दीपांजली मिश्रा