नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने लोकसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) लाने का नोटिस दिया है। यह नोटिस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Leader of the Opposition Rahul Gandhi) को संसद में न बोलने देने के आरोप में लाया जा रहा है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Leader of the Opposition Rahul Gandhi) ने ही इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि स्पीकर को पद से हटाने के नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष का हस्ताक्षर करना संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) में सही नहीं है। इसी वजह से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया।
पढ़ें :- पूरे बजट में बंगाल को पूरी तरह किया गया नजरअंदाज, वित्त मंत्री अमीरों की हैं रॉबिनहुड : TMC सांसद अभिषेक बनर्जी
विपक्ष के 118 सांसदों ने नोटिस पर किया हस्ताक्षर
विपक्ष के 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, डीएमके, सपा के सांसद शामिल हैं। नोटिस में विपक्ष ने कहा है, लोकसभा स्पीकर (Lok Sabha Speaker) लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं। नोटिस में बताया गया कि अनुच्छेद 94(सी) के तहत नोटिस दिया गया है क्योंकि स्पीकर खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं।
विपक्ष के आठ सांसदों को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया है, उन्हें केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए दंडित किया जा रहा है। कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति ही नहीं दी गई, जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है। कांग्रेस सांसद और चीफ व्हिप के सुरेश (Congress MP and Chief Whip K Suresh) ने लोकसभा सचिवालय (Lok Sabha Secretariat) को यह नोटिस दिया। टीएमसी (TMC) के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न ही वे इस नोटिस का हिस्सा हैं।