Nobel laureate Nargis Mohammadi : ईरान में जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी एक जटिल सर्जरी से गुजरीं, जिसके तहत उनके दाएं पैर की एक हड्डी का कुछ हिस्सा कैंसर की आशंका के चलते हटा दिया गया। खबरों के अनुसार, नरगिस को सर्जरी के महज दो दिन बाद वापस जेल भेज दिया गया, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council) को भेजे गए 40 से अधिक कार्यकर्ता समूहों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में आग्रह किया गया है कि मोहम्मदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से आलोचना किए गए आरोपों के लिए जेल की सजा से तुरंत मेडिकल छुट्टी पर रिहा किया जाए। यह मोहम्मदी की हिरासत को लेकर ईरान पर व्यापक दबाव अभियान का हिस्सा है, क्योंकि नोबेल समिति ने पिछले साल उन्हें सम्मानित किया था।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूतावास ने इस पत्र पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, अतीत में नरगिस की रिहाई के लिए चलाए गए अभियान को तवज्जो न देने वाले ईरान के सरकारी मीडिया ने भी पत्र पर कोई खबर नहीं प्रकाशित की है। नरगिस (52) राज्य विरोधी तत्वों के साथ मिलीभगत और ईरान सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार के आरोप में कुल 13 साल और नौ महीने की जेल की सजा काट रही हैं। कई बार गिरफ्तार किए जाने और सलाखों के पीछे लंबी अवधि गुजारने के बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा है।