लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, इनको पारदर्शी भर्तियां देखकर बेचैनी हो रही है…क्योंकि अब न ‘वसूली’ चल रही है, न ‘सैफई मंडली’ की सिफारिश। दरअसल, रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में चयनित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस को नियुक्ति-पत्र वितरण किया।
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केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सपा बहादुर अखिलेश यादव जी को भाजपा सरकार की पारदर्शी भर्तियां देख कर बेचैनी हो रही है…क्योंकि अब न ‘वसूली’ चल रही है, न ‘सैफई मंडली’ की सिफारिश! परंतु यह पारदर्शिता अब 2047 तक स्थायी है। सपा अब यूपी में आयेगी नहीं—और भाजपा सरकार जायेगी नहीं। 2027 में ‘समाप्तवादी पार्टी’ का आख़िरी अध्याय लिखा जाएगा। योग्यता जीतेगी, सपा हारेगी!
सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव जी को भाजपा सरकार की पारदर्शी भर्तियाँ देख कर बेचैनी हो रही है…
क्योंकि अब न ‘वसूली’ चल रही है, न ‘सैफई मंडली’ की सिफारिश!
परंतु यह पारदर्शिता अब 2047 तक स्थायी है।
सपा अब यूपी में आयेगी नहीं — और भाजपा सरकार जायेगी नहीं।
2027 में ‘समाप्तवादी पार्टी’…— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) June 15, 2025
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न खर्ची, न पर्ची, न सिफारिश
वहीं, इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि, उत्तर प्रदेश में पारदर्शिता के साथ-न खर्ची, न पर्ची, न सिफारिश, न जातिवाद, केवल योग्यता के आधार पर 48 लाख आवेदनों में से चयनित होकर पुलिस बल में जवान आए हैं। इससे बड़ी उपलब्धि किसी शासन व्यवस्था की नहीं हो सकती। इनमें 12 हजार से अधिक बेटियां भी शामिल हैं। बेटियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होते ही उनके चेहरे पर जो खुशी देखने को मिली, उसने मन को गहरा संतोष दिया।