आज शुक्रवार को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के मौके पर प्रयागराज के संगम में लाखों भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। शास्त्रों में इश दिन का बहुत अधिक महत्व है। मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर स्नान और दान करने का खास महत्व है।
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ऐसी मान्यता है इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने से शुभ फल मिलता है। इस दिन किए गए दान पुण्य और पूजा से अन्य दिनों की तुलना हजारों गुना पुण्य मिलता है। साथ ही ग्रह दोषों के प्रभाव भी कम होता है। इसलिए मौनी आमावस्या के दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य को दूध, तिल से जल अर्पित करने से खास लाभ मिलता है।
Mauni Amavasya Snan
in Sangam Mela Area
going on smoothly since midnight…more than one crore people have already taken holy dip so far.@UPGovt @myogiadityanath @InfoDeptUP pic.twitter.com/5xwGqUlktc— Shishir
(@ShishirGoUP) February 9, 2024
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मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन गंगा, यमुना या अन्य पवित्र नदियों, जलाशय अथवा कुंड में स्नान करना चाहिए। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस पवित्र तिथि पर उपवास करने की भी परंपरा है।
हिंदी पंचांग के अनुसार, के अनुसार, साल 2024 में 9 फरवरी, शुक्रवार सुबह 8 बजकर 2 मिनट से मौनी अमावस्या की तिथि शुरू हो रही है जो अगले दिन 10 फरवरी, शनिवार सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
साल 2024 में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन शुभ संयोग बन रहा है। बता दें कि मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्ध का शुभ संयोग बन रहा है।. 9 फरवरी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 5 मिनट से रात 11 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस शुभ संयोग के दौरान व्यक्ति जो भी कार्य करता है उसमें सफलता मिलती है साथ ही पूजा पाठ का पूर्ण लाभ मिलता है।