लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में नव चयनित कार्मिकों के नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस दौरान उन्होंने का कि, जब योग्य और प्रतिभाशाली युवा किसी व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं, तो उस व्यवस्था में गति आती है। गति जितनी बेहतर होगी, प्रगति भी उतनी ही स्पष्ट दिखाई देगी। याद रखिए, दोनों का आपस में गहरा संबंध है- गति जितनी अच्छी होगी, प्रगति उतनी ही तीव्र दिखाई देगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र वितरण का अभियान सतत जारी है। आज इसी शृंखला में आयुष विभाग के प्रोफेसर, रीडर, स्टाफ नर्स एवं चिकित्सा अधिकारियों के 202 पदों, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के 272 अनुदेशकों तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के 7 कार्मिकों सहित कुल 481 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
डबल इंजन सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है कि प्रदेश में अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत आज लखनऊ में UPPSC एवं UPSSSC द्वारा विभिन्न विभागों में… pic.twitter.com/VWu0N2sY6X
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 7, 2026
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उत्तर प्रदेश में विभिन्न आयोगों और बोर्डों में जवाबदेही तथा तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी योग्य नौजवान के साथ अन्याय न हो। इसी का परिणाम है कि अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं। विगत 15 दिनों में नियुक्ति पत्र वितरण का यह हमारा चौथा कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश में गत वर्ष 4,000 से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हुए। प्रदेश में उद्योगों की संख्या, जो कभी 14,000 थी, पिछले 9 वर्षों में बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है। जो कभी असंभव प्रतीत होता था, वह आज संभव हुआ है। यह तब संभव हुआ, जब सरकार ने निर्णय लिए और उन्हें प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा। आज उत्तर प्रदेश Revenue Surplus State के रूप में देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उत्तर प्रदेश सबसे अधिक नियुक्ति पत्र देने वाला प्रदेश, सबसे अधिक एक्सप्रेस-वे विकसित करने वाला प्रदेश, सबसे अधिक किसानों को इंसेंटिव प्रदान करने वाला प्रदेश तथा समाज के विभिन्न वर्गों को वेलफेयर स्कीम्स से जोड़ने वाला राज्य बनकर उभरा है।
उन्होंने आगे कहा कि, दुनिया में कोई भी व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से दिव्यांगता से प्रभावित हो सकता है, लेकिन एक संवेदनशील समाज के रूप में हमारी सहानुभूति और संवेदना सदैव उनके साथ होनी चाहिए। हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है, उसे केवल एक मंच की आवश्यकता होती है। वह मंच उपलब्ध कराने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। पिछले 9 वर्षों में हमारी सरकार ने निरंतर सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया इतनी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकती है।
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