नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pak Defense Minister Khawaja Asif) ने अफगान तालिबान (Taliban) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नाटो के अफगानिस्तान (Afghanistan) से हटने के बाद उम्मीद थी कि वहां शांति कायम होगी, लेकिन तालिबान ने देश को भारत का ‘उपनिवेश’ बना दिया और दुनिया भर के आतंकियों को वहां इकट्ठा कर आतंकवाद को बढ़ावा दिया।
पढ़ें :- CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव LS अध्यक्ष और RS सभापति ने किया खारिज, कांग्रेस बोली- सरकार चुनाव आयोग के जरिये लोकतंत्र का गला घोंट रही
आसिफ ने आरोप लगाया कि तालिबान (Taliban) ने अपने ही लोगों के बुनियादी अधिकार छीने और महिलाओं को इस्लाम की ओर से दिए गए अधिकारों से वंचित किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) ने हालात स्थिर रखने के लिए सीधे और मित्र देशों के जरिए हर संभव कूटनीतिक कोशिश की, लेकिन अब ‘सब्र की सीमा खत्म हो चुकी है। पाक रक्षा मंत्री (Pak Defense Minister) ने इसे खुला टकराव बताते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना ‘निर्णायक जवाब’ दे रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने पिछले 50 वर्षों में लाखों अफगानों को शरण दी और आज भी बड़ी संख्या में अफगान वहां रोजी-रोटी कमा रहे हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था। अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा। गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए। जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए।
पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने का दावा
सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की। इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए। हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
पढ़ें :- UN- ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बातचीत के लिए कई देशों को किया आमंत्रित, भारत के विदेश सचिव इस बैठक में हुए शामिल
पाकिस्तान क्या कह रहा है?
वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए। लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है। काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है।
February 2