Houthi rebels threaten Pakistan : यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से उसकी राजधानी पर हमला करने की कोशिश की। ईरान समर्थित विद्रोहियों के साथ लड़ाई बढ़ने के बाद रियाद को निशाना बनाने की यह पहली घटना है, जिससे ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खुल गया है। लेकिन, मक्का समझौते के कारण अब तुर्की और पाकिस्तान को भी इस लड़ाई में कूदना पड़ेगा। जिन्हें हूती विद्रोहियों की ओर हमले की धमकी दी गयी है।
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सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक बयान जारी कर कहा है कि मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया था। रियाद के कुछ निवासियों ने धमाके की आवाज़ सुनी। बाद में, कुछ लोगों ने हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार देखा। किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है। बयान में यह भी कहा गया कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू (जहां सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन खत्म होती है) और ताइफ़, बायश और फ़रासान में आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया।
इससे पहले हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने रियाद में “संवेदनशील ठिकानों” और यानबू में सऊदी अरब की बड़ी तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे “भारी आग” लगी। हूती मिलिट्री के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया कि उन्होंने क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन से भी हमला किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने पड़ोसी देश यमन में विद्रोहियों के कब्ज़े वाले शहर सना को निशाना बनाने की कोशिश की।
बुरा फंसा पाकिस्तान
मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान और तुर्की को सऊदी अरब के समर्थन में आना होगा। ऐसी में पाकिस्तान को हूती विद्रोहियों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। हूती विद्रोहियों ने दोनों देशों को सऊदी अरब में अपनी सेना तैनात करने पर हमले की धमकी दी है। हूती नेता अल बुखेती ने कहा कि अगर इस्लामाबाद और अंकारा सामने आते हैं तो उनपर भी सीधा हमला होगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यमन अब भी रक्षात्मक रुख अपना रहा है। लेकिन अगर पाकिस्तान और तुर्की भी उतरते हैं तो उनके लिए ठीक नहीं होगा।
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अब पाकिस्तान के खिलाफ एक तरफ खाई है तो दूसरी तरफ कुंआ, क्योंकि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देश पर हमला माना जाएगा और तीनों मिलकर इसका जवाब देंगे। ऐसे में पाकिस्तान, सऊदी अरब पर हुए हमले का जवाब देता है तो हूती विद्रोही सीधे तौर पर उसे निशाना बनाएंगे। अगर वह खुद को अलग करता है तो ये समझौता का उल्लंघन होगा।