नई दिल्ली। पाकिस्तान देश के बाहर ही अपनी भद पिटवाता था, लेकिन अब उसके ही नेता देश में ही भद पीटते नजर आ रहे है। पाकिस्तान के एक नेता ने शरीफ सरकार पर पोल खोल दी है। पाकिस्तानी नेता फजल उर रहमान ने कहा कि पाकिस्तान के खजाने से निकलने वाले पैसे का दस प्रतिशत हिस्सा आतंकवादियों की जेब में जा रहा है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कुछ समय पहले ही एक मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के बीच में आतंकवाद की फंडिंग को लेकर आरोपों का दौर चला था।
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भारत हमेंशा से पूरी दुनिया को चेताता हुआ आ रहा है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पाल रहा है। पाकिस्तान सरकार ही आतंकवादियों को फंडिंग करती है। लेकिन पाकिस्तान हमेंश इस बात को नाकार देता था। इस बार पाकिस्तान की सर्वदलीय सम्मेलन में ही बात उठ गई। वरिष्ठ नेता और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलना फजल-उर-रहमान ने अपनी केंद्रीय और प्रांतीय सरकारों पर आतंकवाद का वित्तपोषण करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जबरन वसूली और उग्रवाद के कारण पाकिस्तान राज्य डूबता जा रहा है। उन्होने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान और सिंध के कुछ हिस्सों में आतंकवादी समूह फल-फूल रहे हैं। इन क्षेत्रों पर सरकार का कोई वास्तविक नियंत्रण दिखाई नहीं देता है। संस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं। आतंकवादियों ने कबायली इलाकों पर कब्जा कर लिया है, लोगों को सड़कों पर पर रोक रहे हैं, उनके पहचान पत्र की जांच की जा रही है और दिनदहाड़े नागरिक लूटे जा रहे हैं।
गरिब जनता का पैसा आतंकवादियों की जेब में
मौलना फजल-उर-रहमान ने कहा कि गरिब जनता का पैसा आतंकवादियों की जेब में जा रहा है। जो पैसा इस्लामाबाद से निकलता है उसका करीब 10 फीसदी भ्रष्टाचार और अन्य कारणों से आतंकवादियों तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण आतंकवाद को लगातार पैसा मिलता रहता है और वह लगातार फल-फूल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकार और फौज दोनों ही इन्हें रोकने में असमर्थ हैं