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बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री, बोले-वो गजवा-ए-हिन्द मांगते थे, हम भगवा ए हिन्द मांग लिए तो लग गई आग

By संतोष सिंह 
Updated Date

गुवाहटी। बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) ने ‘बंटोगे तो कटोगे नारे’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत के हिंदुओं को एक करना है। अगर आप बंटोगे तो बिल्कुल कटोगे। अगर हिंदू एक साथ रहेंगे तो उनकी नानी याद आ जाएगी। वे लोग गजवा-ए-हिन्द (Gajwa-e-Hind) मांग रहे थे, हमने भगवा ए हिन्द (Bhagwa-e-Hind) मांग लिया तो उन्हें दिकत हो गई। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पूरे देश के हिंदुओं को एक करने के लिए हम 21 नवंबर से यात्रा पर निकल रहे हैं।

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हमे अपने नाम के आगे सनातनी और हिंदू लिखने की जरूरत

गुवाहटी में कामख्या मंदिर में दर्शन करने पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जाति तो प्राचीन समय में भी थी, लेकिन तब बंटे नहीं थे। मुसलमानों में भी कई जातियां हैं, लेकिन बात जब मजहब की आती है तो वे सिर्फ मुसलमान है, जबकि हिंदुओं में ऐसा नहीं है। हिंदुओं पर जाति के हिसाब से बंटते जाते हैं। हमे अपने नाम के आगे सनातनी और हिंदू लिखने की जरूरत है।

 अगर ‘बच्चे दो ही अच्छे’ तो ये सबके हों

धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri)ने हिंदुओं से आबादी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि हिंदुओं को बताया गया कि ‘बच्चे दो ही अच्छे’, लेकिन इनकी पूरी क्रिकेट टीम ही हो रही है। इनके बढ़ रहे हैं और हमारे घट रहे हैं। जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। अगर बच्चे दो ही अच्छे तो ये सबके हों। हमारे भी हों और इनके भी दो हों। नहीं तो इनके 12 हों तो हमारे 14 बच्चे होने चाहिए। 4 हिंदू राष्ट्र के लिए होना चाहिए।

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मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?

बाबा ने महाकुंभ प्रयागराज में लगने वाली मुसलमानों की दुकानों को लेकर कहा कि जो सनातन परंपरा को नहीं जानते वो संतों का सम्मान क्या खाक करेंगे? उससे द्वंद पैदा होगा और विद्रोह पैदा होगा। पिछले दिनों जिस तरह थूक कांड हुआ, रामचरित मानस को जलाया गया, पालघर के संतों को निर्दयता के साथ मारा गया, देवी दुर्गा पंडालों में आग लगाया गया, इसका मतलब ये एंटी सनातन हैं, इन्हें सनातन से दिक्कत है, तो यहां उनका क्या काम है। मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?

सनाततियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से किया गया षड्यंत्र

बीते दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) ने कहा कि ‘तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) के प्रसाद में चर्बी के लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया था या फिर इसका इस्तेमाल किया गया था। अगर यह जानकारी सत्य है, तो यह बहुत बड़ा अपराध है। निश्चित रूप से भारत के सनाततियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से किया गया षड्यंत्र है। इस प्रकार का इस प्रकार का कृत्य करके भारत के सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने का पूर्ण रूप से तैयारी की गई है। हम तो चाहेंगे कि वहां की सरकार शक्त से शक्त कानून बनाकर उन दोषियों को फांसी की सजा दे।

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