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कौन है यूपी का करोड़पति चपरासी, 3 पत्नि,सास-साली और सलहज के साथ मिलकर सरकारी खाते से उड़ा दिये 8 करोड़ रुपय

By Harsh 
Updated Date

गिरफ्तार हुए आरोपी की पत्नियां, साली, सास, सलहज और कुछ महिला मित्र

पीलीभीत:  उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से करोड़ों रुपये के सरकारी गबन का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कोई बड़ा अधिकारी नहीं, बल्कि विभाग में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निकला। आरोपी चपरासी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान ने उसने सरकारी धन को फर्जी तरीके से अपने करीबियों के खातों में ट्रांसफर कराया।

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पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपनी पत्नियों, साली, सास, सलहज और कुछ महिला मित्रों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये भेजे। अब तक इस मामले में सात महिलाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें उसकी दो पत्नियां, साली, सास, सलहज और दो महिला मित्र शामिल हैं। इससे पहले उसकी एक पत्नी अर्शी खातून को भी गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। पुलिस के अनुसार, इल्हाम शम्सी ने करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये सरकारी खाते से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। इनमें से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से ज्यादा की रकम फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। जांच में सामने आया कि यह पैसा फर्जी बेनिफिशियरी आईडी और ट्रेजरी टोकन जनरेशन के जरिए निकाला गया।

मुख्य आरोपी चपरासी इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान.

बताया जा रहा है कि आरोपी पहले बीसलपुर तहसील के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था। धीरे-धीरे उसने विभाग में अपनी पकड़ मजबूत की और पिछले करीब सात साल से DIOS ऑफिस से जुड़ा रहा। इसी दौरान उसने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया और शिक्षकों की वेतन मद से करोड़ों रुपये अपने लोगों के खातों में भेज दिए।

यह मामला पहली बार 14 फरवरी को सामने आया, जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने वेतन खातों में गड़बड़ी की सूचना दी। इसके बाद जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया और DIOS राजीव कुमार की तहरीर पर कोतवाली में इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने 53 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की। इनमें से कई खातों में सरकारी धन पहुंचने के बाद उसे निकालकर जमीन खरीदने और अन्य संपत्तियों में निवेश करने की बात सामने आई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

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गिरफ्तार हुई आरोपी की पत्नियां, साली, सास, सलहज और कुछ महिला मित्र

नए एसपी सुकीर्ति माधव की तैनाती के बाद मामले की जांच तेज हुई। बैंक खातों की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि जो भी व्यक्ति—चाहे अधिकारी हो या कर्मचारी—इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि साल 2018 से चल रहे इस करोड़ों के खेल की भनक विभागीय अधिकारियों और तत्कालीन DIOS को आखिर कैसे नहीं लगी। पुलिस अब पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन शामिल था।

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