अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में चल रहे कांग्रेस के 84वें अधिवेशन के दूसरे दिन राहुल गांधी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने एक बार फिर से जाति जनगणना को लेकर आवाज उठाई है। राहुल गांधी ने कहा कि, 100 साल पहले महात्मा गांधी जी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने थे और 150 साल पहले सरदार पटेल जी का इस धरती पर जन्म हुआ था। महात्मा गांधी जी और सरदार पटेल जी कांग्रेस पार्टी की नींव हैं।
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राहुल गांधी ने कहा, मैंने इंदिरा गांधी जी से सवाल पूछा था कि आपके दुनिया में न रहने पर लोगों को आपके बारे में क्या बोलना और सोचना चाहिए। उन्होंने कहा था- राहुल, मैं सिर्फ अपना काम करती हूं। मेरे न रहने पर लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, उसकी परवाह मुझे नहीं है। मेरा फोकस सिर्फ अपने काम पर है। मेरे न रहने पर दुनिया अगर मुझे भूल भी जाए तो मुझे मंजूर है, क्योंकि मैंने अपना काम सही तरीके से किया है। यही मेरी भी सोच है कि लोग क्या सोचते हैं, उससे मुझे फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा, तेलंगाना में हमने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है और वो जातिगत जनगणना है। उससे पहले मैंने संसद में भी नरेंद्र मोदी से कहा था कि देश में जातिगत जनगणना होनी चाहिए। सभी को पता होना चाहिए कि देश में कितने दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग के लोग हैं। इसके अलावा, हमें यह भी पता लगाना चाहिए कि देश में किसकी कितनी भागीदारी है। लेकिन RSS-BJP ने साफ़ कह दिया कि वे जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे। इसीलिए हमने भी कह दिया है कि अगर ये काम आप नहीं करेंगे तो हम संसद में आपके सामने जातिगत जनगणना का कानून पास करेंगे।
राहुल गांधी ने आगे कहा, तेलंगाना में अगर आप कॉर्पोरेट कंपनियों की लिस्ट निकालेंगे तो देश के दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग का एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। जबकि इसके उलट वहां के गिग वर्कर्स की लिस्ट में सबसे ज़्यादा दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोग मिलेंगे।इसलिए जब तेलंगाना में जातिगत जनगणना के परिणाम आए तो प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शानदार कदम उठाते हुए प्रदेश में OBC आरक्षण को 42% तक बढ़ा दिया।
साथ ही कहा, नरेंद्र मोदी 24 घंटे दलित, पिछड़े और वनवासी की बात करते हैं, लेकिन जब देश के 90% लोगों की भागीदारी की बात आती है तो वे चुप हो जाते हैं। लेकिन जैसे तेलंगाना ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है, वैसे ही हम पूरे देश में जातिगत जनगणना कराएंगे और आरक्षण में 50% की सीमा की दीवार को तोड़ देंगे।
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उन्होंने आगे कहा, मैंने SC/ST सब-प्लान की बात उठाई थी। हम क्रांतिकारी क़ानून लेकर आए थे, लेकिन BJP ने इस क़ानून को रद्द कर दिया। हिंदुस्तान के सारे संस्थाओं पर BJP एक-एक करके हमला कर रही है। जहां भी दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग के लोगों को जगह मिलती थी, BJP ने उन सब जगहों के दरवाजे बंद कर दिए हैं।