नीदरलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के तहत रविवार को नीदरलैंड पहुंचे, जहां उन्होंने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ दुनिया के प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, क्लाइमेट चेंज और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गहन चर्चा हुई। पीएम मोदी ने नीदरलैंड की तकनीक और अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि पानी के बेहतर इस्तेमाल और बाढ़ से सुरक्षा के मामले में यह देश पूरी दुनिया के लिए उदाहरण है।
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जल सुरक्षा और तकनीक पर बढ़ेगा भारत-नीदरलैंड सहयोग
दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड ने भविष्य में वाटर मैनेजमेंट और क्लाइमेट रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफ्सलाउटडाइक डैम केवल एक बांध नहीं बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जो समुद्री जल नियंत्रण, बाढ़ सुरक्षा और मीठे पानी के संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है।
Een gebied waarop Nederland baanbrekend werk heeft verricht, is waterbeheer. De hele internationale gemeenschap kan hier veel van leren.
Vanmorgen heb ik de kans gehad om de Afsluitdijk te bezoeken en inzicht te krijgen in de belangrijkste kenmerken van dit project. Ik ben… pic.twitter.com/idjsR9SuJv
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— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
बैठक में गुजरात के महत्वाकांक्षी कल्पसर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। इस परियोजना के जरिए खंभात की खाड़ी में विशाल जलाशय और बांध विकसित करने की योजना है, जिससे सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिल सकेगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आधुनिक जल तकनीकों को अपनाकर सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने, बाढ़ से बचाव और इनलैंड वाटर नेटवर्क के विस्तार की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह यात्रा भारत की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।