नई दिल्ली: वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress MP from Wayanad Priyanka Gandhi Vadra) ने गुरुवार को भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से केसरिया करने के फ़ैसले की आलोचना की। उन्होंने इस कदम को देश का इतिहास फिर से लिखने की कोशिशों से जुड़ी बड़ी चिंताओं से जोड़ा। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की पहचान अहिंसा, सच्चाई और भाईचारे में बसी है और इन मूल्यों को छीना नहीं जा सकता। उनकी यह टिप्पणी हॉकी इंडिया के तरफ से 27 जुलाई को सीनियर पुरुष और महिला टीमों के लिए नई जर्सी जारी करने के बाद आई है, जो आने वाले FIH पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप से पहले पेश की गई थीं।
पढ़ें :- मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में दहाड़े, कहा- अमित शाह बंद कमरे में बहुत दिनों तक छिप नहीं सकते, जनता उन्हें खींचकर लाएगी बाहर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि चाहे वे यूनिफ़ॉर्म बदलें या शिक्षा नीति के ज़रिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें, वे कुछ भी करें। आपने देखा है कि हमारे देश के युवा इस बारे में क्या सोचते हैं। आपने सुना कि जंतर-मंतर पर जमा युवा क्या कह रहे थे। यह देश की आवाज़ है। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि इस देश की आज़ादी की लड़ाई अहिंसा और सच्चाई पर आधारित थी। इसमें RSS की कोई भूमिका नहीं थी। पूरा देश सच्चाई जानता है, और जो नहीं जानते थे, उन्हें अब पता चल रहा है कि उनके असली इरादे क्या हैं?
BJP-RSS कुछ भी कर ले, देश के युवा उनका सच जानते हैं। जिन लोगों को BJP-RSS का सच और इनकी नीयत नहीं पता थी, उन्हें अब पता चल चुकी है।
देश की आजादी की लड़ाई सत्य, अहिंसा पर आधारित थी और इसमें RSS का कोई योगदान नहीं था।
BJP-RSS के लोग कितनी भी घृणा, हिंसा और फूट फैलाने की कोशिश… pic.twitter.com/NSqjF9JN6W
पढ़ें :- BJP और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के हैं दोषी: अखिलेश यादव
— Congress (@INCIndia) July 30, 2026
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में आज़ादी के आंदोलन का नेतृत्व किया था और ज़ोर देकर कहा कि देश के मूल मूल्यों को बदला नहीं जा सकता। प्रियंका गांधी ने कहा, कि कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में उस आंदोलन का नेतृत्व किया था और इस देश की आत्मा अहिंसा, सच्चाई और भाईचारे में बसी है। कोई भी इसे छीन नहीं सकता । न RSS, न कोई और। उन्होंने आगे कहा कि चाहे वे कितना भी बंटवारा करें, हिंसा भड़काएं या नफ़रत फैलाएं, देश की आत्मा- जो भाईचारे, आपसी प्यार और एकता से परिभाषित होती है। बरकरार रहती है; वे इसे छीन नहीं सकते।
बता दें कि इससे पहले, भारत के पूर्व हॉकी कप्तान और ओलंपियन विरेन रासकिन्हा ने हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय टीम को नारंगी जर्सी पहनाने के फ़ैसले पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि टीम की पहचान और विरासत हमेशा से नीले रंग से जुड़ी रही है। X पर अपनी निराशा ज़ाहिर करते हुए विरेन ने लिखा कि मुझे कहना होगा कि @TheHockeyIndia ने (हॉकी के लिए) कई अच्छे काम किए हैं। लेकिन यह शर्मनाक है। भारतीय टीम की पहचान और विरासत हमेशा से ‘ब्लू’ (नीले रंग) की रही है। मैंने कई सालों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है। फ़ैन्स हमारी भारतीय टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं। नारंगी रंग का क्या लॉजिक है?