वॉशिंगटन : आज ही के दिन से ठीक 67 साल पहले, 9 अप्रैल 1959 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने ‘ओरिजिनल सेवन’ की घोषणा की थी जिसने मानव इतिहास का रुख बदल दिया। वॉशिंगटन के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में नासा ने दुनिया के सामने अपने पहले सात अंतरिक्ष यात्रियों को पेश किया था, जिन्हें ‘मर्करी सेवन’ (Mercury Seven) के नाम से जाना गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन ये सातों पायलट रातों-रात नेशनल हीरो बन गए। उनकी तस्वीरों ने अखबारों के फ्रंट पेज और मैगजीन के कवर को भर दिया था।
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प्रोजेक्ट मर्करी अमेरिका का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम था, जिसका लक्ष्य इंसान को पृथ्वी की कक्षा (Orbit) में भेजना और सुरक्षित वापस लाना था।
इस प्रोजेक्ट के लिए इन 7 जांबाजों एलन बी. शेपर्ड जूनियर (अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी), वर्जील आई. “गस” ग्रिसम, जॉन एच. ग्लेन जूनियर (पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अमेरिकी), एम. स्कॉट कारपेंटर, वाल्टर “वैली” शिरा जूनियर, एल. गॉर्डन कूपर जूनियर और डोनाल्ड के. “डीक” स्लेटन को 500 से अधिक मिलिट्री टेस्ट पायलटों में से कड़े शारीरिक और मानसिक परीक्षणों के बाद चुना गया था।
इनमे से एलन शेफर्ड आगे चलकर अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी बने और जॉन ग्लेन पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अमेरिकी। 9 अप्रैल की इस हैरतअंगेज कारनामे ने न केवल अमेरिका और सोवियत संघ के बीच ‘स्पेस रेस’ को तेज किया, बल्कि आज के आधुनिक अंतरिक्ष मिशनों (जैसे चंद्रमा और मंगल अभियान) की नींव भी रखी।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह
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