Putrada Ekadashi 2024 : एकादशी व्रत रखने से भक्त पर भगवान विष्णु की कृपा बरसती है। पौष माह की पुत्रदा एकादशी पड़ रही है। यह व्रत संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसलिए इसे सुहागिन महिलाएं या विवाहित जोड़े रखते हैं। पौराणिक मान्यता है एकादशी का व्रत रखने पर श्री हरि की कृपा मिलती और समस्त मनोकामना पूर्ण होती है।पंचांग के अनुसार पौष पुत्रदा एकादशी तिथि पर दुर्लभ योग ब्रह्म योग बन रहा है।
पौष पुत्रदा एकादशी पर ब्रह्म योग
पौष पुत्रदा एकादशी पर ब्रह्म योग 21 जनवरी 2024 की सुबह 9 बजकर 48 मिनट से प्रारंभ होकर 22 जनवरी को सुबह 8 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। वहीं भद्रा योग सुबह 07 बजकर 23 मिनट से शाम 07 बजकर 26 मिनट तक है लेकिन यह स्वर्ग की भद्रा रहेगी।
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भगवान विष्णु शीघ्र ही प्रसन्न होते है
‘पुत्रदा एकादशी’ एकादशी के व्रत में विष्णु नाम-मंत्रों का उच्चारण करके फलों के द्वारा श्रीहरि का पूजन किया जाता है। इस व्रत में नारियल के फल, सुपारी, बिजौरा नींबू, जमीरा नींबू, अनार, सुन्दर आंवला, लौंग, बेर तथा विशेषता: आम के फलों से देवदेवेश्वर श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए । इसी प्रकार धूप दीप से भी भगवान की अर्चना करने से भगवान विष्णु शीघ्र ही प्रसन्न होते है।पुत्रदा एकादशी’ को विशेष रूप से दीप दान करने का विधान है । रात को वैष्णव पुरुषों के साथ जागरण करना चाहिए ।