केरल की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहीं श्रीलेखा रहीं, जिन्होंने तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में BJP उम्मीदवार के तौर पर विजय हासिल कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। केरल के चुनाव परिणाम के बाद पूरे देश में लोग जानना चाह रहें है श्रीलेखा कौन हैं।
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दरअसल आर श्रीलेखा को बीजेपी की ओर से मेयर पद का चेहरा बनाया जाएगा। उन्होंने सश्तमंगलम वार्ड से जीत दर्ज की है। आर श्रीलेखा ने सश्तमंगलम वार्ड से स्थानीय निकाय चुनाव में 700 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की।
कॉटन हिल स्कूल से पढ़ाई की
तिरुवनंतपुरम में जन्मी और पली-बढ़ी श्रीलेखा ने 16 साल की उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था। तिरुवनंतपुरम के कॉटन हिल स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की। गायन, नाटक, एनसीसी और एनएसएस में भी उनकी खास रुचि थी।
विद्याधिराज कॉलेज में अध्यापन
श्रीलेखा ने तिरुवनंतपुरम वुमेंस कॉलेज से इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की। साथ ही उन्होंने फिर इग्नू से एमबीए किया। उन्होंने सबसे पहले विद्याधिराज कॉलेज में अध्यापन का काम शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने रिजर्व बैंक में कार्यरत रहते हुए सिविल सेवा में एंट्री ली।
1987 में बनीं IPS
जनवरी 1987 में वो केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। वहीं, साल 1991 में त्रिशूर की पहली महिला एसपी बनीं। वह राज्य के कई जिलों में पुलिस की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्होंने सीबीआई, केरल अपराध शाखा, सतर्कता विभाग, अग्निशमन विभाग, मोटर वाहन विभाग और जेल विभाग सहित प्रमुख एजेंसियों में अपनी सेवाएं दीं।