Ankita Bhandari Murder Case : भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। लेकिन, उनको हिरासत में लेने के कुछ घंटे बाद रिहा भी कर दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों की आवाज़ दबाना इस सरकार की पहचान है।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा, “सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए। कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।”
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
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जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।#JusticeForAnkitaBhandari
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 15, 2026
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दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया। इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो। पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी। कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।”
गौरतलब है कि 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या ने काफी सुर्खियां बटोरीं थीं। 19 साल की अंकिता ऋषिकेश के पास एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। आरोप है कि अंकिता पर रिसॉर्ट में आने वाले एक वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था। जिससे इंकार करने पर 18 सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई और शव 24 सितंबर 2022 को चीला नहर से बरामद हुआ।
इस हत्याकांड में पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे और रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य के साथ उसके दो मैनेजरों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद निचली अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हाल ही में तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इस मामले में दुष्यंत गौतम का नाम तब चर्चा में आया जब दिसंबर 2022 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ ऑडियो और वीडियो जारी किए थे।
इन ऑडियो और वीडियो में ‘गट्टू’ नाम का जिक्र था। जिसे भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम से जोड़कर पेश किया गया। आरोप लगाया गया कि दुष्यंत गौतम का नाम ‘वीआईपी’ (VIP) के तौर पर लिया गया था, जिसे वनांतर रिजॉर्ट में विशेष सेवाएं चाहिए थीं। हालांकि, 23 दिसंबर को सुरेश राठौर ने वायरल ऑडियो को AI जनरेटेड बताया था।