जम्मू। जम्मू में बीते रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्था की असलियत सामने ला कर रख दी। करीब दो से तीन घंटे की तेज बारिश के बाद यहां के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और बारिश का पानी घरों व दुकानों के अंदर तक घुस गया। यहां बोहड़ी, आनंद नगर, रूप नगर समेत कई इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पढ़ें :- हिमाचल में मौसम का यू-टर्न, 4 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, ओलावृष्टि और बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें
जम्मू के कई प्रमुख मार्गों पर बारिश के चलते जलभराव हो गया और साथ ही यातायात भी प्रभावित हुआ। वहीं, पंजतीर्थी-सिदड़ा और सिदड़ा-नगरोटा मार्ग पर भूस्खलन के कारण मलबा सड़क पर पहुंच गया। इन मलबों को हटाने के लिए प्रशासन ने मशीनें और कर्मचारी लगाए। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जम्मू में तीन घंटे के दौरान 185.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने अक्टूबर में बारिश का 71 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। बता दें कि इससे पहले अक्टूबर में सबसे ज्यादा 160 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड 1955 में दर्ज हुआ था।
यहां बारिश के चलते रायपुर डोमाना इलाके में अचानक आई बाढ़ के तेज बहाव में 27 वर्षीय महिला के बह जाने की भी खबर सामने आई है। फिलहाल, पुलिस और SDRF की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। इतना ही नहीं इस अचानक आई बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जम्मू को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने के दावों के बीच इतनी कम अवधि की बारिश में कई इलाकों का जलमग्न होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने उभरा है। बता दें कि जम्मू नगर निगम की ओर से पहले भी कुछ इलाकों में ड्रेनेज, जलभराव और खराब सड़कों से जुड़ी समस्याएं दर्ज की गई थीं।