नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दल के नेता इस मामले को लेकर मोदी सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। गुरुवार को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए पीएम मोदी पर आरोपियों पर बचाने का आरोप लगाया।
पढ़ें :- लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा, ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बिठाया है वो भी जाएगा: राहुल गांधी
उन्होंने कहा, श्रीराम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री ने किया था और ट्रस्ट के सदस्यों का चयन भी उनकी देखरेख में हुआ था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मंदिर में हुए घोटाले के असली दोषियों, बड़े और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? केजरीवाल ने कहा, IB ने प्रधानमंत्री को 12 रिपोर्टें सौंपी थीं, जिनमें बताया गया था कि राम मंदिर में कंस्ट्रक्शन, ज़मीन और चढ़ावे में बड़े स्तर पर चोरी हो रही है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी धृतराष्ट्र की तरह आंखों पर पट्टी बांधे चुप रहे।
उन्होंने आगे कहा, ज़मीन घोटाले के दस्तावेज़ लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह जब SIT के पास पहुंचे, तो जवाब मिला कि SIT ज़मीन से जुड़े मामलों की नहीं, बल्कि सिर्फ़ चंदा और चढ़ावे की जांच कर रही है। फिर ज़मीन घोटाले की जांच कौन करेगा? 2021 में गठित SIT का क्या हुआ? आज तक न कोई FIR हुई, न कोई गिरफ्तारी हुई और न ही किसी को सज़ा मिली क्यों?
केजरीवाल ने आगे कहा, प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए महाघोटाले को लेकर बीजेपी नेता बृजभूषण ने कहा, “अगर मैंने मुंह खोला, तो बहुत बड़े-बड़े नाम सामने आएंगे।” बाबा बागेश्वर ने भी कहा, “इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। अगर इतने बड़े नामों की चर्चा हो रही है, तो सिर्फ़ 8 लोगों की गिरफ्तारी क्यों? प्रधानमंत्री मोदी जी, आखिर किसे बचा रहे हैं?
पढ़ें :- अभिजीत दीपके, बोले- गांधी देश की आत्मा, अंबेडकर रीढ़ की हड्डी और नेहरू दिमाग हैं,मुंबई सिर्फ ट्रेलर, फाइनल दिल्ली में होगा