Ekdant Sankashti Chaturthi shubh yog : सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य कहते है। मान्यता है कि किसी भी धार्मिक आयोजन में सर्वप्रथम भगवान गणेश की पूजा का विधान है। इसी तरह एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त गण मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए उपवास रखते हैं। एकदंत संकष्टी चतुर्थी को महादेव और माता पार्वती के पुत्र गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। हर साल ज्येष्ठ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस बार यह एकदंत संकष्टी चतुर्थी 26 मई को मनाई जाएगी।
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मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रख भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को सभी शुभ कार्यों में सिद्धि की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर शुभ योगों का निर्माण हो रहा है।
एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर तीसरा शिव वास योग का निर्माण हो रहा है। जो कि प्रदोष काल में होगा। जिस दौरान भगवान गणेश की उपासना करने से व्यक्ति को आय और सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी।