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‘ब्राह्मणों की नाराजगी’ का झूठा नैरेटिव गढ़ने वालों को जनता ने दिया करारा जवाब : कैलाश नाथ शर्मा

प्रखर ब्राह्मण चेहरा कैलाश नाथ शर्मा ने असम और बंगाल के हालिया चुनावी परिणामों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

By अनूप कुमार 
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लखनऊ: प्रखर ब्राह्मण चेहरा कैलाश नाथ शर्मा ने असम और बंगाल के हालिया चुनावी परिणामों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वैश्विक स्वीकृति करार दिया है।

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भ्रामक नैरेटिव का अंत
लखनऊ आवास पर शर्मा ने कहा कि पिछले काफी समय से विपक्षी दलों और कुछ कथित विश्लेषकों द्वारा यह झूठा नैरेटिव (Narrative) तैयार किया जा रहा था कि ब्राह्मण समाज भारतीय जनता पार्टी से विमुख हो रहा है या नाराज है। उन्होंने कहा, “जो लोग ड्राइंग रूम में बैठकर यह भविष्यवाणियां कर रहे थे कि प्रबुद्ध वर्ग भाजपा का साथ छोड़ चुका है, असम और बंगाल की प्रचंड जीत उनके चेहरे पर एक जोरदार राजनीतिक तमाचा है। ब्राह्मण समाज हमेशा से राष्ट्रवाद और विकास का पक्षधर रहा है और इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि वे चट्टान की तरह भाजपा के साथ खड़े हैं।”

सभी वर्गों का अटूट स्नेह
कैलाश नाथ शर्मा ने जोर देकर कहा कि भाजपा आज किसी एक वर्ग या समुदाय की पार्टी नहीं, बल्कि जन-जन की आवाज बन चुकी है। बंगाल की कठिन परिस्थितियों और असम में विकास की निरंतरता को जनता ने जो जनादेश दिया है, वह यह दर्शाता है कि भाजपा को समाज के हर तबके—चाहे वह युवा हो, महिला हो या प्रबुद्ध वर्ग—का भरपूर स्नेह प्राप्त है।

विकास बनाम तुष्टीकरण : जनता ने तुष्टीकरण की राजनीति को नकार कर विकासवाद को चुना है।
षड्यंत्र विफल : जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिशें पूरी तरह विफल रही हैं।
प्रचंड जनादेश: असम और बंगाल की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2024 के बाद भी देश का भरोसा सिर्फ भाजपा पर है।
भविष्य का संकल्प
अंत में शर्मा ने कहा कि यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ एक जनांदोलन है जो देश में अस्थिरता और भ्रम पैदा करना चाहती थीं।

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