Sankashti Chaturthi Vrat in 2025 : संकष्टी चतुर्थी, जो भगवान गणेश को समर्पित है। संकटों को दूर करने वाले इस व्रत को हिंदू पंचांग के हर चंद्र महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। । पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं। संकष्टी चतुर्थी को संकट हर चतुर्थी भी कहा जाता है।
पढ़ें :- Nautapa 2026 : नौतपा में 9 दिन सूरज बरसाएगा आग , जानें के नियम
मार्च 2025 में यह व्रत मंगलवार, 18 मार्च को पालन किया जाएगा। इस अवसर पर यह अंगारकी चतुर्थी के रूप में भी मनाया जाएगा, जो विशेष फलदायी मानी जाती है।
संकष्टी चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: 17 मार्च 2025, रात 07:33 बजे
चतुर्थी तिथि का समापन: 18 मार्च 2025, रात 10:09 बजे
चंद्र दर्शन का समय: रात्रि में चंद्रमा के उदय के बाद
जलाभिषेक करें
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने के लिए जलाभिषेक करें, पुष्प, फल चढ़ाएं, पीला चंदन लगाएं।
भोग
तिल के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।
पढ़ें :- Ganga Dussehra 2026 : गंगा दशहरा पर सिर्फ 10 डुबकी और जीवन के ये 10 महापाप जड़ से खत्म!
मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।
आरती
पूरी श्रद्धा के साथ गणेश जी की आरती करें। चंद्रमा को अर्घ्य दें। व्रत का पारण करें।
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी
अगर चतुर्थी का दिन मंगलवार हो, तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।