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भारतीय वायुसेना के 93 सालों के इतिहास में सान्या ने बनाया ये रिकॉर्ड, ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) में महिलाओं का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। अब स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने ऐसा मुकाम हासिल किया है जो आज तक कोई महिला अधिकारी हासिल नहीं कर सकी थी। सान्या भारतीय वायुसेना (Indian Airforce)  की पहली महिला अधिकारी बनी हैं, जिन्हें सबसे प्रतिष्ठित कैट ए क्‍वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (Cat-A Qualified Flying Instructor, QFI) रेटिंग मिली है। यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की बदलती भूमिका और बढ़ते भरोसे की बड़ी तस्वीर भी है।

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IAF ने बताया ऐतिहासिक पल

भारतीय वायुसेना (IAF) ने X पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा कर लिखा-उत्कृष्टता को नई उड़ान मिली है। स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने इतिहास रचते हुए Cat-A Qualified Flying Instructor की प्रतिष्ठित योग्यता हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है। वायुसेना ने इसे देशभर के युवा एविएटर्स के लिए प्रेरणादायक बताया। IAF ने कहा कि सान्या की यह उपलब्धि समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता हासिल करने की निरंतर कोशिश की मिसाल है।

क्या होता है कैट ए क्‍वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर?

भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) अपने पायलट इंस्ट्रक्टर्स की क्षमता को अलग-अलग कैटेगरी में बांटती है। इसमें Cat-C सबसे शुरुआती स्तर होता है जहां प्रशिक्षु या प्रोबेशनरी इंस्ट्रक्टर्स होते हैं। इसके बाद Cat-B आता है, जिसमें सामान्य फ्लाइंग ट्रेनिंग देने वाले इंस्ट्रक्टर्स शामिल होते हैं, लेकिन Cat-A इस पूरी प्रणाली का सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है। इस रेटिंग को हासिल करने वाले पायलट सिर्फ नए पायलटों को ही नहीं, बल्कि दूसरे फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स को भी ट्रेन कर सकते हैं। उन्हें एडवांस फ्लाइंग स्किल्स को परखने और एयर कॉम्बैट के लिए पायलट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाती है।

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नई पीढ़ी के फाइटर पायलट तैयार करेंगे ऐसे इंस्ट्रक्टर

Cat-A QFI की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे इंस्ट्रक्टर्स युवा पायलटों को ट्रेन करते हैं, उनकी गलतियों को सुधारते हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें जटिल एयर कॉम्बैट स्किल्स के लिए तैयार करते हैं। इस भूमिका के लिए सिर्फ बेहतरीन उड़ान कौशल ही नहीं, बल्कि धैर्य, तकनीकी समझ, स्पष्ट निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन की भी जरूरत होती है। यही वजह है कि Cat-A रेटिंग को IAF में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है।

2015 में हुई थी कमीशन

सार्वजनिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक स्क्वाड्रन लीडर सान्या को 20 जून 2015 को 42 SSC (W) FP Course के जरिए भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन मिला था। उन्हें 2017 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट और फिर 2021 में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर प्रमोट किया गया। पिछले 10 सालों में उन्होंने खुद को एक शानदार ट्रांसपोर्ट पायलट के रूप में साबित किया है।

महिलाओं के लिए बड़ा माइलस्टोन

IAF के 93 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी महिला अधिकारी ने Cat-A QFI रेटिंग हासिल की है। इसे भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का बड़ा संकेत माना जा रहा है। आज महिला अधिकारी फाइटर जेट उड़ा रही हैं। हेलिकॉप्टर यूनिट्स संभाल रही हैं। फ्लाइट टेस्टिंग कर रही हैं और कमांड रोल्स में भी दिखाई दे रही हैं। अब फ्लाइंग इंस्ट्रक्शन जैसे सबसे कठिन क्षेत्रों में भी महिलाएं अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।

शिवांगी सिंह के बाद एक और बड़ी उपलब्धि

यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब कुछ महीने पहले ही स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं जिन्होंने QFI बैज हासिल किया था। उन्होंने तमिलनाडु के तांबरम स्थित Flying Instructors’ School में छह महीने का कठिन कोर्स पूरा किया था हालांकि इससे पहले महिला ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर पायलटों को QFI बैज मिल चुका था लेकिन Cat-A रेटिंग हासिल करने वाली सान्या पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।

बदल रही है भारतीय सेना की तस्वीर

1990 के दशक में भारतीय सेना ने महिलाओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए शामिल करना शुरू किया था। तब महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज महिलाएं फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं। युद्धपोतों पर तैनात हैं। फ्रंटलाइन यूनिट्स संभाल रही हैं। स्थायी कमीशन पा रही हैं और NDA जैसी प्रतिष्ठित सैन्य अकादमियों में ट्रेनिंग भी ले रही हैं हालांकि भारतीय सेना में अब भी टैंक और इन्फैंट्री की कुछ कॉम्बैट पोजिशन महिलाओं के लिए खुली नहीं हैं, लेकिन लगातार बदलाव की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं।

देश की लड़कियों के लिए प्रेरणा बनीं सान्या

स्क्वाड्रन लीडर सान्या (Squadron Leader Sanya) की यह उपलब्धि सिर्फ एक सैन्य रिकॉर्ड नहीं है। यह उन लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती हैं और कठिन रास्तों पर आगे बढ़ना चाहती हैं। भारतीय वायुसेना ने भी कहा कि सान्या की सफलता आने वाली पीढ़ियों के एविएटर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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