नई दिल्ली। बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता डॉ. सस्मित पात्रा (Dr. Sasmit Patra) ने राज्यसभा में पार्टी के संसदीय नेता के पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को डॉ. सस्मित पात्रा (Dr. Sasmit Patra) का राज्यसभा में बीजेडी पार्लियामेंट्री पार्टी (BJD Parliamentary Party) नेता पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) ने राज्यसभा में बीजेडी पार्लियामेंट्री पार्टी के नेता के रूप में डॉ. सस्मित पात्रा (Dr. Sasmit Patra) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
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सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कुछ सांसदों ने हाल ही में बीजद अध्यक्ष को पत्र लिखकर डॉ. सस्मित पात्रा (Dr. Sasmit Patra) को उनके पद से हटाने की मांग की थी। कथित तौर पर पार्टी में चल रही अंदरूनी अनबन की वजह से उन्हें बीजेडी के राज्यसभा नेता का पद छोड़ना पड़ा। पात्रा राज्यसभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। वह 2022 से बीजेडी के संसदीय नेता के रूप में काम कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, यह माना जा रहा है कि नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) के सचिव संतृप्त मिश्रा, जो हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए थे, डॉ. सस्मित पात्रा की जगह बीजद संसदीय दल के नेता बन सकते हैं। अप्रैल 2025 में वक्फ (संशोधन) बिल पर आखिरी समय में पार्टी के रुख में बदलाव के बाद पार्टी के एक हिस्से का रुझान पात्रा के खिलाफ हो गया था।
पार्टी ने पहले ऐलान किया था कि वह वक्फ (संशोधन) बिल का विरोध करेगी। बाद में इसके पक्ष में वोट दिया। इससे पार्टी के एक बड़े हिस्से में नाराजगी फैल गई और उन्होंने पात्रा पर तीखा हमला किया। पात्रा के इस अचानक रुख बदलने के कारण उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई, जिससे उन्हें दबाव और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
पात्रा शिक्षा क्षेत्र से राजनीति में आए और ओडिशा से दो बार राज्यसभा सांसद रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में संसद में अपनी पहचान बनाई है। बीजेडी (BJD) के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में उन्होंने नई दिल्ली में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया और कई महत्वपूर्ण विधायी मामलों पर राज्यसभा में अपनी राय रखी है।