Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Sawan First Friday 2024 : सावन के पहले शुक्रवार करें ये उपाय , मां लक्ष्मी करेंगी कृपा

Sawan First Friday 2024 : सावन के पहले शुक्रवार करें ये उपाय , मां लक्ष्मी करेंगी कृपा

By अनूप कुमार 
Updated Date

 Sawan First Friday 2024 : सावन में सृष्टि की सुरक्षा का भार भगवान शिव पर ही रहता है। भगवान शिव का प्रिय सावन का महीना चल रहा है। इसी प्रकार शुक्रवार का दिन भी इस माह में अपनी कुछ खास विशेषताएं लिया हुआ माना गया है। मान्यता के अनुसार मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस माह के शुक्रवार को किए जाने वाले कुछ खास उपाय अत्यंत असरदार होते है।  इस वर्ष श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से लेकर 19 अगस्त 2024 तक रहने वाला है। इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं।

पढ़ें :- Vaishakh Amavasya 2026 : वैशाख अमावस्या पर पितरों का स्मरण करने से मिलेगा विशेष पुण्य फल , बाधाएं दूर होंगी

ऐसा माना जाता है कि सावन के शुक्रवार पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन से जुड़ी सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। साथ ही सावन का शुक्रवार बहुत ही खास होता है इसलिए इस दिन कुछ गलतियों से भी सावधान रहना चाहिए। ये दिन धन की देवी मां लक्ष्मी का होता है इसलिए इस दिन पैसों का लेनदेन अच्छा नहीं माना जाता है।

खीर का भोग
खीर का भोग माता लक्ष्मी को अति प्रिय माना जाता है। ऐसे में सावन के हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दूध, चावल और मखाने से बनी खीर का भोग लगाएं, जिसके बाद 5 कन्याओं को आदर के साथ घर में बुलाकर खीर-सेवन कराएं। अब बची हुई खीर को अपने पूरे परिवार के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। मान्यता के अनुसार सावन के हर शुक्रवार को ऐसा करने से माता लक्ष्मी ऐसा करने वाले भक्त पर अपनी कृपा द्वार खोल देती है।

विवाह की समस्या दूर करने के लिए
यदि किसी के विवाह में देरी हो रही है तो उसके लिए सावन का यह उपाय अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से उसके जल्द ही विवाह के योग का भी निर्माण होता है। इस उपाय के तहत सावन के शुक्रवार की सुबह स्नान पश्चात शिवलिंग पर जल अर्पित कर उन्हें 5 प्रकार के मिष्ठान सहित भोग में इलाइची भी लगाएं। इसके पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती की आरती गाय के घी से बने दीपक को जलाकर करें।

 

पढ़ें :- Akshaya Tritiya Tretayuga begins : अक्षय तृतीया के दिन सतयुग का समापन होकर त्रेतायुग का आरंभ हुआ था , भगवान राम ने लिया अवतार
Advertisement