Sawan Last Monday 2026 : भगवान शिव को समर्पित सावन के आखिरी सोमवार भगवान शिव को दूध, पंचामृत, अनार और गन्ने के रस से अभिषेक करने की मान्यता है। हिंदू परंपरा में भगवान शिव को आशुतोष कहा गया है, अर्थात वे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने और योग्य जीवनसाथी की कामना के लिए शिव-पार्वती की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से समसत मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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विवाह की मनोकामना पूर्ति के लिए
भगवान शिव को अर्पित करने वाली पवित्र वस्तुएं
1. बेलपत्र (बिल्व पत्र)
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है।
2. सफेद पुष्प
शिव पूजा में सफेद फूल जैसे आक, चमेली या अन्य सुगंधित पुष्प अर्पित किए जाते हैं। ये शांति और पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं।
3. दूध और जल से अभिषेक
सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक कर विवाह सुख की प्रार्थना की जाती है।
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4. रुद्राक्ष
रुद्राक्ष को भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। श्रद्धा से रुद्राक्ष अर्पित करने और धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है।
5. माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री
विवाह की कामना करने वाले भक्त शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा करते हैं। माता को चुनरी, सिंदूर, चूड़ी या श्रृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।
6. पंचामृत अभिषेक
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
विशेष मंत्र
“ॐ नमः शिवाय”
और
“ॐ गौरी शंकराय नमः”
का श्रद्धापूर्वक जाप विवाह संबंधी मनोकामना के लिए किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिव-पार्वती की संयुक्त आराधना से वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सौहार्द की कामना की जाती है। पूजा में सबसे महत्वपूर्ण तत्व श्रद्धा और भक्ति है।