नई दिल्ली। सामान्य रूप से जब भी हम किसी फल का नाम लेते हैं, तो हमारे दिमाग में ऐसी बहुत से फलों की तस्वीरें हमारे दिमाग में उभरकर सामने आती हैं जिनके बीज फल के अंदर छुपे होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी फल हैं जो इस प्राकृतिक नियम को चुनौती देते हैं।
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वानस्पतिक जानकारी के अनुसार, काजू (Cashew) और स्ट्रॉबेरी (Strawberry) ऐसे अनोखे फल हैं जिनके बीज बाहर की तरफ स्थित होते हैं। स्ट्रॉबेरी (Strawberry) एक फल नहीं है बल्कि फलों का समूह है। इस फल को लेकर चौंकाने वाली बात यह है कि जिसे हम फल समझ कर खाते है वह तकनीकी रूप से एग्रीगेट फ्रूट है। औसतन एक स्ट्रॉबेरी (Strawberry) की बाहरी सतह पर लगभग 200 छोटे-छोटे बीजों का कवच होता है। वैज्ञानिक भाषा में इन बाहरी छोटे-छोटे दानों को ‘एकीन’ कहा जाता है। असल में इसका हर एक दाना अपने आप में एक छोटा फल है जिसके अंदर असली बीज छुपा होता है। वानस्पतिक नियमों के आधार पर स्ट्रॉबेरी (Strawberry) एक बेरी नहीं है क्योंकि इसके बीज बेरी की तरह अंदर नहीं होते है।
अगर हम बात करें काजू की तो इस फल को ‘कैश्यू एप्पल’ (Cashew Apple) कहा जाता है। फल के नीचे लटका ‘असली खजाना’ काजू का फल, अपनी बनावट में बेहद अद्भुत है। इसका असली बीज (गिरी) बाहर की तरफ लटका होता है जो कि एक गुर्दे के आकार का होता है। सिर्फ काजू ही एकमात्र ऐसा सूखा मेवा है जो फल के बाहरी हिस्से से निकलता है जबकि अन्य मेवे फल के अंदर विकसित होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फलों की यह अनोखी संरचना बीज प्रसार (Seed Dispersal) में मदद करती है, जिससे पक्षी और जानवर इन्हें आसानी से फैला सकें।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह