Shamonda Virus in France : पशुओं को बीमार करने वाला शमोंडा वायरस अब इंसानों में भी पहुंच गया है। 1965 में नाइजीरिया में मिला शमोंडा वायरस अब यूरोप के 12 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसान के इंफेक्टेड होने का पहला मामला सामने आने के बाद इस वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। मरीज का इलाज फ्रांस के लियोन शहर के एक अस्पताल में चल रहा था। वह पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और उसके शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत भी काफी कम थी।
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मरीज की अक्टूबर की शुरुआत में मौत हो गई। इस मामले ने खासतौर पर उन देशों में जानवरों से इंसानों में फैलने वाले इंफेक्शन (Infection) पर नजर रखने की जरूरत की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। खासकर उन देशों के लिए जहां पशुओं की संख्या ज्यादा है। भारत भी ऐसे देशों में शामिल है।
शमोंडा वायरस मुख्य रूप से गाय और दूसरे मवेशियों को बीमार करता है। यह मिज (Midge) नाम के छोटे कीड़ों के काटने से फैलता है। इस वायरस का पता पहली बार 1965 में नाइजीरिया में चला था।
विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ये मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और अल्पाकास को प्रभावित करता है। इस वायरस की वजह से गर्भवती पशुओं में गर्भपात, स्टिल बर्थ और जन्मजात विकृतियां (congenital malformations) हो सकती हैं। गंभीर मामलों में तेज बुखार, दस्त, भूख न लगना और दूध उत्पादन में अचानक बुहत कमी आने जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। फ्रांस के अधिकारियों का मानना है कि यह वायरस देश में वसंत के मौसम (Spring season) से ही फैल रहा था।
इंसानों में इस वायरस के संक्रमण का ये पहला मामला पाया गया है। इसलिए इंसानों में इसके लक्षण कैसे हो सकते हैं, इस बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, इंसानों में इसके संक्रमण की वजह मिज, मक्खी जैसे एक छोटे कीड़े को माना जा रहा है। ये कीड़ा संक्रमित पशुओं (parasite-infected animals) को काटने के बाद वायरस का कैरियर बन जाता है और इंसानों में ये वायरस फैला सकता है।
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अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि शमोंडा वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।