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सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को सख्त फरमान, ‘जब तक न कहें EVM डेटा न करें डिलीट’

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। ईवीएम (EVM) के वेरिफिकेशन के संबंध में पॉलिसी बनाने की मांग वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। इस याचिका में मांग की गई है कि ईवीएम की मेमोरी/माइक्रोकंट्रोलर की जांच और वेरिफिकेशन के लिए चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (Election Commission) से कहा कि फिलहाल ईवीएम से कोई डेटा डिलीट या रीलोड न किया जाए।

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एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की याचिका पर सीजेआई संजीव खन्ना (CJI Sanjeev Khanna) ने सवाल किया, ये किस लिए है? इस पर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के अनुसार ईसीआई को जो प्रक्रिया अपनानी चाहिए, वो उनके मानक संचालन प्रोटोकॉल के अनुरूप हो। हम चाहते हैं कि कोई व्यक्ति ईवीएम के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की जांच करे। ताकि ये पता चल सके कि सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में किसी तरह की हेराफेरी की गई है या नहीं।

डेटा न डिलीट करें और न ही रीलोड, बस जांच करने दें

इस पर सीजेआई (CJI) ने कहा कि हम करण सिंह दलाल की याचिका में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। हम इसे 15 दिन बाद रखेंगे। तब तक अपना जवाब दाखिल करें। साथ ही डेटा न डिलीट करें और न ही फिर से लोड, बस जांच करने दें।

याचिका में पिछले साल आए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के अहम फैसले का हवाला दिया गया है। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बैलेट पेपर यानी मतपत्र के ज़रिए चुनाव की पुरानी व्यवस्था बहाल करने से मना कर दिया था। साथ ही, वीवीपैट की सभी पर्चियों को गिनने की मांग को भी ठुकरा दिया था। लेकिन कोर्ट ने बेहतर पारदर्शिता के लिए चुनाव परिणाम घोषित होने के 1 सप्ताह के भीतर ईवीएम के बर्न्ट मेमोरी की जांच की अनुमति दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने पहले कही थी ये बात

26 मार्च 2024 को दिए इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने कहा था कि परिणाम आने के 1 सप्ताह के भीतर दूसरे या तीसरे नंबर का उम्मीदवार दोबारा जांच की मांग कर सकता है। ऐसे में इंजीनियरों की टीम किसी 5 माइक्रो कंटोलर की बर्न्ट मेमोरी की जांच करेगी। इस जांच का खर्च उम्मीदवार को उठाना होगा। अगर गड़बड़ी साबित हुई तो उम्मीदवार को पैसा वापस मिल जाएगा।

याचिका में कही गई थी ये बात

ADR की याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग (Election Commission) के मौजूदा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP)में ईवीएम की बेसिक जांच और मॉक पोल्स का ही निर्देश है। आयोग ने अब तक बर्न्ट मेमोरी की जांच को लेकर प्रोटोकॉल नहीं बनाया है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि चुनाव आयोग (Election Commission) को निर्देश दिया जाए कि वह ईवीएम के चारों हिस्सों कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट, वीवीपैट और सिंबल लोडिंग यूनिट के माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए प्रोटोकॉल लागू करे।

 

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