Surya Grahan 2024 : ग्रहण एक अदभुत खगोलीय घटना है। इस घटना का जीव जगत पर सीधा असर पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ कार्य को करने की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल, सोमवार के दिन लगने जा रहा है। यह ग्रहण चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार, यह सूर्यग्रहण रात में 9 बजकर 12 मिनट पर लगेगा और मध्य रात्रि 1 बजकर 25 मिनट पर यह समाप्त होगा। इसका सूतक काल 8 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष के अनुसार, सूर्यग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले आरंभ हो जाता है। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा जिस वजह से इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।
पढ़ें :- BadaMangal 2026 : बचपन में जब ऋषियों ने दिया हुनुमान जी को श्राप, जानें- कैसे मिली श्राप से मुक्ति
सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा। पूर्ण सूर्य ग्रहण तब लगता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं जिस चलते सूर्य का प्रकाश चंद्रमा से ढक जाता है और पृथ्वी पर नहीं पड़ता। ऐसे में सूर्य पूरी तरह से अंधकारमय नजर आने लगता है।
पातक काल
गरुड़ पुराण के अनुसार, जब परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो वहां पातक लग जाता है। इसमें मृत व्यक्ति के घरवालों को 12 या 13 दिन तक पातक के नियमों का पालन करना पड़ता है। इसमें घर के सदस्यों को रसोई में जाने या कुछ पकाने की मनाही होती है। पातक में पूजा-पाठ और शुभ या मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते हैं।