Tata and Stellantis new agreemen : टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और स्टेलेंटिस ने अपने 50:50 संयुक्त उद्यम एफआईएपीएल के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में व्यापक सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। टाटा और स्टेलेंटिस दोनों पुणे के पास रंजंगांव में स्थित एक साझा निर्माण प्लांट (Shared Manufacturing Plant) में काम करती हैं। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और स्टेलेंटिस के बीच हुए नए समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भारत और विदेशों में विनिर्माण, इंजीनियरिंग और आपूर्ति श्रृंखला संचालन (Supply Chain Operations) के क्षेत्र में सहयोग के अतिरिक्त क्षेत्रों का आकलन करना है।
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यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक ऑटोमोबाइल निर्माता (global automobile manufacturer) अपने विनिर्माण क्षेत्रों और सप्लाई चेन (Manufacturing sectors and supply chains) का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं, क्योंकि भारत घरेलू बिक्री और निर्यात (domestic sales and exports) दोनों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
समझौते से जुड़ी उद्योग जगत की चर्चाओं में संभावित पावरट्रेन सहयोग भी शामिल है, जिसमें स्टेलेंटिस टाटा मोटर्स के 1.5-लीटर टी-जीडीआई पेट्रोल इंजन का मूल्यांकन कर रही है, ताकि इसका उपयोग जीप कंपास और जीप मेरिडियन जैसे मॉडलों में किया जा सके, जो वर्तमान में भारत में डीजल इंजन के साथ बेचे जाते हैं।
एफआईएपीएल ने अब तक 13 लाख वाहनों का उत्पादन किया है और इसमें 5,000 लोग कार्यरत हैं, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 222,000 वाहनों की है। रंजंगांव स्थित संयंत्र में वर्तमान में जीप के 4 मॉडल और टाटा मोटर्स के 3 यात्री वाहनों का निर्माण होता है।