नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया और फॉर्म-7 के इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया विपक्षी वोटों खासकर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समुदायों (PDA) को बड़े पैमाने पर काटने की साजिश है, जिसमें प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 का दुरुपयोग हो रहा है और भाजपा (BJP) इसमें शामिल है।
पढ़ें :- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवा पीढ़ी को दी सलाह, बोलीं- 'गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, लेकिन...'
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता – 03/02/2026 https://t.co/B3UUWvCEHV
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 3, 2026
उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से कहा कि अब चुनाव आयोग (Election Commission) को अपनी बिल्डिंग पर बीजेपी का झंडा लगा लेना चाहिए, क्योंकि उनकी कार्रवाई ऐसी लग रही है जैसे वे भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। यह बयान लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जहां उन्होंने इसे “धांधली” और “मेगा-स्कैम” करार दिया। यह टिप्पणी SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन पर सपा की लगातार बढ़ती आपत्तियों का हिस्सा है, जिसमें वे दावा करते हैं कि लाखों-करोड़ों वोट काटने का टारगेट है, खासकर विपक्षी समुदायों का।
पढ़ें :- वाह रे चुनाव आयोग! मतदाता का नाम राम ने यादव को मारा, पिता का नाम मूर्खचंद, मंडलायुक्त ने तलब की रिपोर्ट
अखिलेश ने न्यायालय, मीडिया और चुनाव आयोग (Election Commission) से इसकी जांच की मांग की है। यह बयान राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है, क्योंकि यूपी में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट का मुद्दा गर्म है। सपा इसे भाजपा की “धांधलीजीवी पार्टी” वाली रणनीति बता रही है।