पर्दाफाश न्यूज़ भैरहवा नेपाल :: वैश्य समाज की एकजुटता, पहचान और अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम उठाते हुए राष्ट्रीय वैश्य महासंघ नेपाल का प्रथम रूपंदेही जिला स्तरीय सम्मेलन भैरहवा के एक प्रतिष्ठित होटल में भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
पढ़ें :- सीमा क्षेत्र में सतर्क पुलिस, तस्करी के लिए रखा यूरिया खाद बरामद
इस ऐतिहासिक सम्मेलन में नेपाल के विभिन्न जिलों से आए वैश्य समाज के 17 घटक संगठनों के अध्यक्षों, महिला प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि काठमांडू जिला अध्यक्ष ई. रामचंद्र शाह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा,“वैश्य समाज नेपाल की जनसंख्या का लगभग 35% है, फिर भी वैश्य आयोग का गठन नहीं हो पाया है। यह समय एकजुट होकर संगठन को मजबूती देने का है।”
विशिष्ट अतिथियों में राम उदार महासेठ, बजरंगी प्रसाद शाह, अजय गुप्ता, अमित गुप्ता, पूनम जायसवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता और राजनीतिक पहचान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैश्य समाज अगर संगठित हो जाए, तो यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक शक्ति बन सकता है।
सम्मेलन में डॉ. शालिनी भक्ति, राधेश्याम कसौधन, विष्णु पटवा, बैजनाथ अग्रहरि, संजय कौशल, रामकेश गुप्ता, रितेश बरनवाल, किरण शाह समेत अनेक प्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त किए।
पढ़ें :- KGMU ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पर FIR दर्ज करने की मांग, कहा- नहीं हुआ एक्शन तो बंद कर देंगे OPD सेवाएं
कार्यक्रम का संचालन तारकेश्वर कांदू ने किया और समापन सभी प्रतिनिधियों की एकजुटता और सहयोग की भावना के साथ हुआ।
अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रिपोर्ट-अजय कांदू