नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें लिखा कि, मोदी दशक में भारत में निवेश का वातावरण सुस्त रहा है। डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान सकल स्थिर पूंजी निर्माण GDP के 32% के औसत से गिरकर पिछले दस वर्षों में लगातार GDP के 29% से नीचे रहा है।
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उन्होंने आगे लिखा, निवेश इसलिए सुस्त है क्योंकि खपत में व्यापक तेज़ी नहीं आ रही है और टैक्स एवं अन्य प्राधिकरण बिज़नेसेस को डरा-घमका रहे हैं। इसके पीछे एक कारण इस धारणा का पुष्ट होना भी है कि मोदी सरकार में केवल 4-5 बिज़नेस ग्रुप ही विकास कर सकते हैं। अब भारत में निवेश करने के लिए निजी क्षेत्र की अनिच्छा का एक ताज़ा सबूत सामने आया है- पिछले साल अप्रैल-अक्टूबर में शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) गिर कर 12 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। सकल FDI अंतर्वाह स्थिर हो गया है। भारतीय कंपनियां देश के बजाय विदेश में निवेश करना अधिक पसंद कर रही हैं।
मोदी दशक में भारत में निवेश का वातावरण सुस्त रहा है। डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान सकल स्थिर पूंजी निर्माण GDP के 32% के औसत से गिरकर पिछले दस वर्षों में लगातार GDP के 29% से नीचे रहा है।
निवेश इसलिए सुस्त है क्योंकि खपत में व्यापक तेज़ी नहीं आ रही है और टैक्स एवं अन्य…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 6, 2025
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साथ ही लिखा, यह मोदी सरकार के ख़िलाफ़ कॉर्पोरेट का अविश्वास प्रस्ताव है। FDI निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन बुनियादी चीज़ है DI-Domestic Investment (घरेलू निवेश)। आज से 26 दिन बाद पेश होने वाले केंद्रीय बजट में घरेलू निवेश को कैसे प्रोत्साहित किया जाए और कैसे कायम रखा जाए, यह मुख्य चिंता का विषय होना चाहिए।