नई दिल्ली। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, ओडिशा के पाठ्यक्रम में वैज्ञानिक को पायलट बता दिया गया। ऐसी कई गलतियां हैं। वहीं राजस्थान में परीक्षा में प्रश्न पत्र की जगह आंसर शीट दे दी गई। सवाल है: लोगों को अशिक्षित रखकर देश को विकसित कैसे बनाया जाएगा? जब देश में लाखों लोग बेरोजगार हैं, तो भारत विकसित कैसे बनेगा? पर्ची वाले प्रधानमंत्री के राज में शिक्षा को ‘प्रोडक्ट’ बना दिया गया है। आज शिक्षा किसी के लिए आसान नहीं है और इसके जिम्मेदार वे अयोग्य लोग हैं, जो पदों पर बैठे हैं। दरअसल, मोदी सरकार का शिक्षा को लेकर अप्रोच ही गड़बड़ है।
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कन्हैया कुमार ने कहा कि, नरेंद्र मोदी ने जुमला दिया था- हम हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि हार्डवर्क वाले हैं। इनका यही हार्डवर्क है कि पेपर लीक हो जा रहा है। बात साफ है- जो सरकार ‘वोट चोरी’ करेगी, वो पेपर चुराएगी। जिस सरकार में बैठे लोग Education का E नहीं जानते, वो ऐसा ही शिगूफा छोड़ेंगे और टेलीग्राम बैन कर देंगे। पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, NTA को बैन करना होगा, लेकिन परीक्षा पर चर्चा करने वाले PM मोदी पेपर लीक पर एक शब्द नहीं बोलते। आज कोई ऐसी परीक्षा नहीं, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो। अब सवाल UPSC जैसी परीक्षा पर भी उठ रहा है। इस सबका कारण सरकार में बैठे लोगों का नाकारापन है। सरकार में शिक्षा के प्रति गंभीरता की कमी ने शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि, नेता विपक्ष राहुल गांधी जी ने साफ-साफ कहा है कि हम शिक्षा पर राजनीति नहीं करना चाहते। लेकिन आज हर मां-बाप को डर लग रहा है कि हमारा बच्चा कुछ कर न ले। बच्चे भयंकर डिप्रेशन में हैं। मगर BJP का एक भी नेता ये नहीं कह रहा कि NEET का EXAM दोबारा हो रहा है। वे जिम्मेदारी लेने की बजाए राहुल गांधी जी से सवाल पूछ रहे हैं। क्या केंद्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार है? PM मोदी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जी की बात सुननी चाहिए, क्योंकि शिक्षा राजनीति का मसला नहीं है।
कन्हैया कुमार ने आगे कहा, आज शिक्षा व्यवस्था पर से आम व्यक्ति का भरोसा टूट गया है। छात्रों से सपना देखने का अधिकार छीन लिया गया है। देश की सरकार आम जनता की जेब काट रही है। मोदी सरकार ने शिक्षा को प्रोडक्ट में तब्दील कर दिया गया है। देश में बड़े-बड़े पदों पर अयोग्य लोगों को बैठाया जा रहा है और हम जब सवाल उठाते हैं तो हम पर राजनीति करने का आरोप लगाया जाता है। ऐसे में सवाल है- क्या पेपर लीक करवाना देशभक्ति का काम है?
साथ ही कहा, आज शिक्षा के कुल बजट से ज्यादा लोग अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं। इसके बाद भी कोई गारंटी नहीं है कि उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। कांग्रेस पार्टी के लिए शिक्षा का सवाल महत्वपूर्ण है और हम लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं।
मोदी सरकार टेलीग्राम को बैन करके लीपापोती कर रही है। पेपर लीक का पता तब चला, जब कुछ लोगों को करोड़ों रुपए में बेचे गए पेपर को टेलीग्राम पर शेयर कर दिया गया। हकीकत ये है कि मोदी सरकार ने शिक्षा को व्यापार बना दिया है, लोगों का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ गया है, छात्र तनाव में हैं और आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। लेकिन BJP नेताओं और मंत्रियों के बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं।
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