लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, जनता से सीधे जुड़े कार्यालयों के लिए इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स का निर्माण गोरखपुर और वाराणसी में जारी है, ऐसे ही सभी जनपदों में किया जाना चाहिए। जनपद बुलंदशहर और सम्भल में प्रस्तावित कलेक्ट्रेट कार्यालयों को इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के रूप में ही विकसित किया जाए। इससे एक ही परिसर में सभी प्रमुख अधिकारी उपलब्ध होंगे और आम आदमी को भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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साथ ही, मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए सेवानिवृत्त, अनुभवी अथवा प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के दक्ष प्रोफेशनल की सेवाएं भी लेने के लिए निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को अपने कामकाज को ‘प्रोफेशनल’ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सभी को शासन स्तर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बजट हो या मैनपावर, कहीं कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
जनता से सीधे जुड़े कार्यालयों के लिए इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स का निर्माण गोरखपुर और वाराणसी में जारी है, ऐसे ही सभी जनपदों में किया जाना चाहिए।
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— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) December 28, 2024
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उन्होंने आगे कहा, कोई भी निर्माण कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व परियोजना की जो डिजाइन तय हुई है, कार्य प्रारम्भ होने के बाद उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं होना चाहिए। अपरिहार्य परिस्थितियों में शासन से अनुमोदन लिया जाना अनिवार्य होना चाहिए।
जनपद शामली के कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों के निर्माण का कार्य दो माह के नियत समय में पूर्ण किया जाए। लखनऊ में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भवन को प्रत्येक दशा में अगले दो माह में पूरा किया जाए। सुल्तानपुर की नवसृजित तहसील बल्दीराय, मथुरा के गोवर्धन, लखीमपुर की निघासन, गोला गोकर्णनाथ व धौरहरा तहसीलों के आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद इनका भौतिक सत्यापन कराया जाए।
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