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सच आखिर सामने आया…, युवाओं में लोकप्रियता से डर से जमात-ए-इस्लामी ने कराई थी उस्मान हादी की हत्या

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। बांग्लादेश (Bangladesh) की राजनीति को झकझोर देने वाली शरीफ उस्मान हादी (Sharif Usman Hadi) की हत्या को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। सूत्रों के हवाले से बताया है कि हादी की हत्या के पीछे जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-e-Islami)  का ही हाथ हो सकता है। यह दावा जमात के भीतर चल रही गहरी अंदरूनी कलह की ओर इशारा करता है।

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सूत्रों के मुताबिक, शरीफ उस्मान हादी (Sharif Usman Hadi)तेजी से युवा वोटरों के बीच लोकप्रिय हो रहे थे। उनकी बढ़ती पकड़ और अलग राजनीतिक पहचान जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-e-Islami) के लिए असहज स्थिति बनती जा रही थी। संगठन के भीतर एक धड़ा हादी को भविष्य के खतरे के तौर पर देखने लगा था। यही टकराव धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि कथित तौर पर इसे खत्म करने का रास्ता हिंसा के जरिए चुना गया।

कहा जा रहा है कि इसी वजह से उनके खिलाफ साजिश रची गई। यह मामला अब बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, खासकर चुनाव और युवा वोटर्स को देखते हुए। हालांकि, ये सभी बातें दावों और जांच पर आधारित हैं। सूत्रों का दावा है कि हादी को खत्म करने की साजिश ढाका स्थित जमात कार्यालय में रची गई थी। संगठन के भीतर एक धड़ा हादी को पूरी तरह रास्ते से हटाना चाहता था। इसी दौरान कथित तौर पर हत्या की सुपारी को लेकर भी अंदरूनी मतभेद सामने आए। शुरुआती तौर पर एक करोड़ टका में हत्या कराने की बात हुई, लेकिन बाद में रकम को लेकर जमात के भीतर ही खींचतान शुरू हो गई। सूत्रों का कहना है कि एक गुट का मानना था कि इतनी बड़ी राजनीतिक बाधा को हटाने के लिए रकम कम है, जबकि दूसरे गुट ने खर्च कम रखने की बात कही। इसी टकराव के दौरान यह पूरा मामला जमात के भीतर से ही लीक हुआ। दावा यह भी किया जा रहा है कि शूटर को अलग से बड़ी रकम देने पर सहमति बनी थी।

भारत से जोड़ा गया हादी की हत्या को 

इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू यह भी है कि कुछ दिन पहले हादी की हत्या को भारत से जोड़ने की कोशिश की गई थी। यह कहा गया कि आरोपी भारत भाग गए हैं और मेघालय में छिपे हुए हैं, लेकिन बांग्लादेश, इस थ्योरी का कोई ठोस आधार नहीं दे सका। आरोपियों के दुबई भागने की कहानी गढ़ने की कोशिश हुई, लेकिन तब भी कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया।

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