अयोध्या। राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) से जुड़ी भवन निर्माण समिति की बैठक रविवार को भी जारी है। बैठक से पहले समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंदी नव वर्ष के अवसर पर 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) का अयोध्या दौरा प्रस्तावित है। राष्ट्रपति कार्यालय (President’s Office) से कार्यक्रम को लेकर सहमति मिल चुकी है। राष्ट्रपति लगभग चार घंटे तक राम जन्मभूमि परिसर में रहेंगी। इस दौरान मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
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नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) के अनुसार राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) का कार्य करीब पांच वर्षों में पूरा हुआ है। निर्माण से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं एलएंडटी और टीसीएस को 15 मई तक औपचारिक रूप से अवमुक्त किया जाएगा। मंदिर परिसर में गैलरी का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा को दर्शाया जाएगा। इस तकनीक पर रविवार को हो रही बैठक में चर्चा होगी। सुरक्षा के लिए करीब चार किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण इंजीनियर्स इंडिया की ओर से कराया जा रहा है।
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद उप मंदिरों में शुरू हो जाएंगे दर्शन
राम मंदिर परिसर में चल रही भवन निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक का शनिवार को दूसरा दिन रहा। बैठक से पहले समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने मीडिया को कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) के प्रस्तावित अयोध्या दौरे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई। राष्ट्रपति 19 मार्च को सुबह करीब 11 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी और लगभग चार घंटे तक वहीं रहेंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दी जाएंगी। इसके बाद प्रतिदिन लगभग पांच हजार श्रद्धालु पास के आधार पर परकोटा सहित परिसर के सभी मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान श्रद्धालु राम लला के दर्शन नहीं कर सकेंगे। कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजना बनाई जा रही है। नृपेंद्र मिश्रा (Nripendra Mishra) ने बताया कि राम मंदिर का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल दो प्रमुख कार्य शेष हैं, जिनमें हुतात्मा स्मारक और अस्थायी मंदिर का निर्माण शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि रामलला के सूर्य तिलक (Surya Tilak) की परंपरा को बनाए रखने के लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट और ऑप्टिका (Central Building Research Institute and Optica) के साथ 10 वर्षों का अनुबंध किया गया है।