लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से नई आबकारी नीति (excise policy) लागू होने जा रही है। यह नीति लागू होने से अंग्रजी शराब (english wine) पीने वालों की मुश्किले बढ़ जाएंगी। आबकारी विभाग की नई नीति एक अप्रैल 2026 से लागू होगी। विभाग ने लाइसेंस शुल्क (license fee) में दस प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव अगर लागू होता है तो क्वार्टर 20 रुपए, हाफ 50 रुपए और फुल बोतल 100 रुपए तक महंगी हो जाएंगी। यह नई नीति लागू होने से सरकार का राजस्व तो बढ़ेगा, लेकिन उपभोक्ताओं की अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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बता दे कि उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) हर वित्तीय वर्ष में आबकारी नीति में संशोधन करती है। इसका उद्देश्य न केवल शराब के व्यवसाय को नियंत्रित करना, बल्कि राज्य के राजस्व को भी बढ़ाना होता है। इस बार आबकारी विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2026 में लाइसेंस शुल्क में करीब दस प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे लखनऊ मुख्यालय (Lucknow Headquarters) से मंजूरी के लिए भेज भी दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जनवरी में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर भी लग जाएगी, जिसके बाद नई दरें लागू होंगी।
इस बार भी आबकारी विभाग ने नवीनीकरण की प्रणाली को बरकरार रखा है। इससे साफ है कि नई टेंडर प्रक्रिया आयोजित नहीं की जाएगी और मौजूदा दुकानदारों को ही अपने लाइसेंस रिन्यू करवाने की सुविधा मिलेगी। यह व्यापारियों के लिए एक राहत है क्योंकि इससे कारोबार की निरंतरता बनी रहेगी। वहीं लाइसेंस शुल्क बढ़ने के बाद व्यापारी अपने खर्च को जोड़कर नया मूल्य तय करेंगे। इससे साफ है कि शराब की बोतलों की कीमतें स्वतः बढ़ जाएगी। विभाग ने अबतक आधिकारिक दरें घोषित नहीं की हैं, लेकिन संकेतों से पता चलता है कि अंग्रेजी शराब की कीमतें इस बार 15 से 100 रुपए तक बढ़ सकती हैं।
क्वार्टर बोतल: लगभग 15 से 20 रुपए तक महंगी हो सकती है।
हाफ बोतल: दरों में 40 से 50 रुपए तक बढ़ोतरी संभव है।
फुल बोतल: उपभोक्ताओं को 80 से 100 रुपए तक महंगी हो सकती है।