नई दिल्ली। 2017 उन्नाव रेप केस (Unnao Rape Case) की पीड़िता का समर्थन कर रहे लोग, जो दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा सस्पेंड करने के आदेश के खिलाफ जंतर-मंतर (Jantar-Mantar) के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके साथ ही बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Former BJP MLA Kuldeep Singh Sengar) का समर्थन करने वाले ‘पुरुष आयोग’ (Purush Aayog) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई।
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जंतर-मंतर पर न्याय की माँग को लेकर खड़े हैं।
•“यह धरना नहीं, न्याय की पुकार है।”
•“जब तक न्याय नहीं, तब तक संघर्ष जारी।” pic.twitter.com/xnIwQHTRAM— Yogita Bhayana योगिता भयाना (@yogitabhayana) December 28, 2025
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लोग अचंभित रह गए जब रेप के आरोपी पूर्व बीजेपी नेता के समर्थन में एक महिला आ गई। उन्होंने हाथों में तख्ती लिए रेप आरोपी कुलदीप सेंगर के विरोध में नहीं बल्कि समर्थन में नारे भी लगाए। अब इस महिला के बारे में पता चल गया है।
कौन थी वो महिला?
कुलदीप सेंगर की समर्थन में आई महिला एकमात्र समर्थक थी। महिला और कोई नहीं बल्कि पुरुष आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहान हैं। दिल्ली महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने बताया कि केवल एक महिला कुलदीप सेंगर के पक्ष में सामने आई है। मुझे लगता है कि वह मानसिक रूप से स्थिर नहीं है और उसे इलाज की जरूरत है। वह कुलदीप सिंह सेंगर का समर्थन करने वाली पहली और आखिरी महिला होगी। बरखा त्रेहान के साथ और लोग भी हैं। इस दौरान पीड़िता का समर्थन कर रहे प्रदर्शनकारियों और सेंगर का समर्थन कर रहे ‘पुरुष आयोग’ के सदस्यों के बीच तीखी बहस और झड़प भी हुई थी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हम बिना सबूतों के बात नहीं कर रहे हैं। वह एक सजायाफ्ता बलात्कारी है, जिसे पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। हम उसे मिली जमानत, सजा के निलंबन के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जरा सोचिए, यह सब पीड़िता के मनोबल को कितना गिराने वाला होगा।
सुप्रीम कोर्ट में कब होगी सुनवाई? बताा दें कि उन्नाव रेप केस अब देश की सर्वोच्च अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। सोमवार को इस मामले में अगली सुनवाई होगी। कोर्ट की ‘कॉज लिस्ट’ (कार्यसूची) के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अगस्टीन जॉर्ज मसीह की तीन-न्यायाधीशों वाली वेकेशन बेंच (अवकाशकालीन पीठ) इस मामले की सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ताओं अंजले पटेल और पूजा शिल्पकार द्वारा दायर एक अलग याचिका पर भी सुनवाई करेगी। इस याचिका में भी हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है और उस पर तुरंत रोक (Stay) लगाने की मांग की गई है।