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और आख़िरकार… मैं महात्मा गांधी को राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद फिर पहाड़ों की ओर लौट जाऊंगा : सोनम वांगचुक

वीडियो मैसेज में वांगचुक ने बताया कि 'आखिर आज वो दिन आया जब मैं अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं। काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। धीरे-धीरे शरीर में भी जान आ रही है। आज मैं दिन में यहां से निकलते हुए घर लद्दाख जाने से पहले राजघाट (Rajghat) पर बापू (Mahatma Gandhi) को श्रद्धांजलि अर्पित करने जाउंगा।

By santosh singh 
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गुरुग्राम। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के निजी अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है। यह जानकारी खुद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने एक्स पर एक वीडियो शेयर कर दी है। वांगचुक जंतर-मंतर पर अनशन करने के दौरान दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के तरफ से जबरन उठाए जाने के बाद पहले तो सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे और फिर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के आदेश पर गुरुग्राम के निजी अस्पताल में शिफ्ट किए गए।

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वीडियो मैसेज में वांगचुक ने बताया कि ‘आखिर आज वो दिन आया जब मैं अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं। काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं। धीरे-धीरे शरीर में भी जान आ रही है। आज मैं दिन में यहां से निकलते हुए घर लद्दाख जाने से पहले राजघाट (Rajghat) पर बापू (Mahatma Gandhi) को श्रद्धांजलि अर्पित करने जाउंगा। आप लोगों को याद होगा कि ठीक ऐसे ही में जब अनशन शुरू करने से पहले स्विटजरलैंड से आया था तो राजघाट (Rajghat) पर श्रद्धांजलि अर्पित करके ही जंतर-मंतर पर आए थे। आज हम वहीं दोबारा करेंगे और फिर अपने घर लद्दाख रवाना होंगे।’

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वांगचुक ने आगे कहा कि ‘जाते-जाते में दिल की गहराई से आप लोगों को शुक्रिया अदा करना चाहता था कि आप सभी ने मिलकर एक आंदोलन चलाया और हम कामयाब भी हुए और इसी तरह होते रहेंगे। आप सब से हम जुड़े रहने की उम्मीद करते हैं। सभी को नमस्कार और जय हिंद।

नड्डा और जितेंद्र सिंह ने तुड़वाया था अनशन

आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने खुद अस्पताल पहुंचकर वांगचुक का अनशन तुड़वाया था। सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) के बाद निजी अस्पताल में भी वांगचुक का अनशन 21 वें दिन के बाद भी लगातारी जारी थी। वहीं अनशन तोड़ने के बाद एक वीडियो मैसेज में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ने देने पर वांगचुक ने कहा था कि सरकार जितनी देर करेगी नुकसान सरकार का ही होगा।

अनशन के 21वें दिन उठा लिए गए थे वांगचुक

सोनम वांगचुक(Sonam Wangchuk)  को जंतर-मंतर पर उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने जबरन उठा लिया था। इस दौरान उन्हें इलाज के लिए सफरदजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital)  में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान अस्पताल में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था।

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अस्पताल से नाराज थीं पत्नी

वांगचुक की पत्नी गीतांजिल ने सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital)  प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया था। पत्नी ने कहा था कि वे चाहती हैं कि वांगचुक का इलाज निजी अस्पताल में किया जाए। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया गया और कोर्ट ने वांगचुक के पक्ष में फैसला सुनाया और फिर उन्हें निजी अस्पताल भेज दिया गया।

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