नई दिल्ली। अमेरिका ने रविवार को इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी के निजी आवास पर हुए हमलों की निंदा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने इन हमलों के लिए ईरान को दोषी ठहराया। बयान में कहा गया कि अमेरिका, इराक में ईरान के आतंकवादी मिलिशिया प्रॉक्सी द्वारा इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी के निजी आवास पर किए गए घिनौने आतंकवादी हमलों की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा करता है। ईरान और उसके प्रॉक्सी द्वारा की गई ये हरकतें इराक की संप्रभुता, स्थिरता और एकता पर सीधा हमला हैं। हम उन अंधाधुंध और कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्यों को पूरी तरह से खारिज करते हैं, जिन्हें ईरान और उसके आतंकवादी प्रॉक्सी ने इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र और पूरे इराक में अंजाम दिया है।
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ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल को दोषी ठहराया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दुहोक में, उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी के आवास पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की। अल जज़ीरा के अनुसार IRGC ने इस हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल को दोषी ठहराया और इसे हत्या का प्रयास और आतंकवाद का स्पष्ट कृत्य बताया। IRGC ने कहा कि यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की कायरतापूर्ण हत्याओं के एक पैटर्न का ही हिस्सा है और ये दुर्भावनापूर्ण प्रयास कुर्द क्षेत्र और पड़ोसी देशों के बीच शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को कमज़ोर करने के उद्देश्य से किए गए थे। इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। अल जज़ीरा के अनुसार यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इराक में ईरान-समर्थित सशस्त्र समूहों और कुर्द बलों, दोनों पर हमलों में तेज़ी आई है। क्योंकि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल युद्ध अब पड़ोसी देश तक फैल गया है। इराक की कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने शनिवार को इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच, दुहोक में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरज़ानी के आवास को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले की पुष्टि की। कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बरज़ानी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस हमले की कड़ी निंदा की गई। इसे एक कायरतापूर्ण ड्रोन हमला बताया गया और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।