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63 साल पहले आज ही के दिन अंतरिक्ष में पहुंची थी पहली महिला, जानिए वैलेंटिना तेरेश्कोवा की प्रेरणादायक कहानी

By Harsh Gautam 
Updated Date

16 जून 1963 का दिन अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। इसी दिन सोवियत संघ की युवा कॉस्मोनॉट वैलेंटिना तेरेश्कोवा ने अंतरिक्ष की उड़ान भरकर दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनने का गौरव हासिल किया। उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष थी और वे पहले एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में काम करती थीं।  

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वैलेंटिना को अंतरिक्ष मिशन के लिए सैकड़ों उम्मीदवारों में से चुना गया था। पैराशूट जंपिंग में उनकी रुचि और शानदार प्रदर्शन ने उन्हें इस ऐतिहासिक मिशन तक पहुंचाया। 16 जून 1963 को उन्होंने ‘वोस्तोक-6’ अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी और करीब तीन दिन तक अंतरिक्ष में रहीं। इस दौरान उन्होंने पृथ्वी के 48 चक्कर लगाए और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां जुटाईं।  

उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं भी अंतरिक्ष जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुरुषों के बराबर सफल हो सकती हैं। वैलेंटिना की उड़ान के बाद दुनिया भर में महिलाओं के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रमों के नए रास्ते खुले। आज भी वह अंतरिक्ष में अकेले मिशन पर जाने वाली पहली और एकमात्र महिला के रूप में जानी जाती हैं।  

63 साल बाद भी वैलेंटिना तेरेश्कोवा की कहानी लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। एक साधारण फैक्ट्री कर्मचारी से अंतरिक्ष इतिहास की अमर शख्सियत बनने तक का उनका सफर साहस, मेहनत और सपनों की ताकत का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है। 

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