नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में एक कार्यक्रम के दौरान जाति और धर्म जैसे संवेदनशील मुद्दों पर एक प्रेरणादायक बयान दिया है। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों द्वारा इसे सराहा जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि केवल एक ही जाति है, मानवता की जाति। केवल एक ही धर्म है, प्रेम का धर्म। केवल एक ही भाषा है, हृदय की भाषा और केवल एक ही ईश्वर है और वह सर्वव्यापी है।
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पुट्टापार्थी में भगवान श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए, ऐश्वर्या राय बच्चन ने प्रधानमंत्री @narendramodi के साथ मंच साझा किया
एक 'बाल विकास' छात्रा के रूप में अपनी जड़ों को याद करते हुए, उन्होंने आध्यात्मिक रूप से स्थिर जीवन के लिए आवश्यक 'पाँच डी… pic.twitter.com/46o8awdprf
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) November 19, 2025
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उनका यह बयान एकता, प्रेम और मानवता के संदेश को मजबूत करता है, जो आज के विभाजित समाज में बेहद प्रासंगिक लगता है। वीडियो क्लिप में ऐश्वर्या भावुक नजर आ रही हैं, जबकि दर्शक तालियों से उनका स्वागत कर रहे हैं। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक ‘बाल विकास’ छात्रा के रूप में अपनी जड़ों को याद करते हुए, उन्होंने आध्यात्मिक रूप से स्थिर जीवन के लिए आवश्यक ‘पाँच डी (D)’ अनुशासन, समर्पण, भक्ति, दृढ़ संकल्प और विवेक (Discipline, Dedication, Devotion, Determination, and Discrimination) पर प्रकाश डाला, उन्होंने स्वामी के शाश्वत ज्ञान पर भी विचार किया और कहा कि सच्ची शिक्षा केवल आजीविका कमाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के लिए चरित्र निर्माण तक भी सीमित है।
अभिनेत्री और मिस वर्ल्ड 1994 ऐश्वर्या राय बच्चन ने भगवान श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मेरा हृदय गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता से भर गया है। हालांकि उनके दिव्य जन्म को एक शताब्दी बीत चुकी है, फिर भी उनकी उपस्थिति, सिद्धांत, शिक्षाएँ, मार्गदर्शन और करुणा दुनिया भर के लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहती हैं, मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज हमारे साथ जुड़ने और इस विशेष अवसर का सम्मान करने के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करती हूं। आपकी उपस्थिति इस शताब्दी समारोह में पवित्रता और प्रेरणा जोड़ती है और हमें स्वामी के इस संदेश की याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा है, और मानव सेवा ईश्वर की सेवा है।