Vijaya Ekadashi 2025 Date : सनातन धर्म में श्री हरि की पूजा की पूजा का विशेष महत्व है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के एकादशी के व्रत का पालन किया जाता है। वहीं विजया एकादशी के व्रत का पालन करने से व्यक्ति को शत्रुओं पर सदा विजय प्राप्त होती है। मान्यता हे कि जो भक्त एकादशी के व्रत का पालन करते है उनके जीवन से कष्टों का निवारण हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। विजया एकादशी फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है।
पढ़ें :- Lucky Onyx Gemstone : गोमेद रत्न किन राशियों के लिए है शुभ , पहनने से पहले जरूर जानें ये सावधानियां
पूजा का शुभ मुहूर्त
विजया एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) 24 फरवरी की सुबह 6 बजकर 51 मिनट से सुबह 8 बजकर 17 मिनट के बीच है। मान्यता अनुसार एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है। ऐसे में व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 25 फरवरी की सुबह 6 बजकर 50 मिनट से सुबह 9 बजकर 8 मिनट तक है।
शत्रुओं पर विजय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत को रखने से व्यक्ति को प्रत्येक क्षेत्र में विजय मिलती है और सभी शुभ कार्य पूर्ण होता है। भगवान राम ने लंका विजय करने के लिए बक दाल्भ्य मुनि के कहने पर समुद्र के तट पर विजया एकादशी का व्रत किया था। जिसके प्रभाव से रावण का वध हुआ और भगवान राम ने लंका पर जीत हासिल हुई थी। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्ति होती है।