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Video Viral : लंभुआ से बीजेपी विधायक सीताराम वर्मा ने अपात्र को बांटी व्हील चेयर, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

By santosh singh 
Updated Date

सुल्तानपुर। यूपी (UP) के सुल्तानपुर जिले (Sultanpur District) में विकलांग कल्याण विभाग (Disability Welfare Department) के एक कार्यक्रम के दौरान में स्वस्थ व्यक्ति को व्हीलचेयर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्यक्रम में लंभुआ विधायक सीताराम वर्मा (Lambhua MLA Sitaram Verma) भी मौजूद थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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यह घटना शनिवार को लंभुआ ब्लॉक सभागार (Lambhua Block Auditorium) में आयोजित दिव्यांगजन समारोह में हुई थी। कार्यक्रम में दिव्यांगों को कृत्रिम उपकरण वितरित किए जा रहे थे। अधिकारियों ने स्थानीय विधायक सीताराम वर्मा (BJP MLA Sitaram Verma) से एक ऐसे व्यक्ति को व्हीलचेयर दिलवाई, जो शारीरिक रूप से स्वस्थ प्रतीत हो रहा था।

वायरल वीडियो (Video Viral)  में स्पष्ट दिख रहा है कि व्हीलचेयर प्राप्त करने वाला व्यक्ति बाद में बिना किसी सहारे के सामान्य रूप से चल रहा था। इस घटना ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में जब एडीओ समाज कल्याण (ADO Social Welfare) से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अधिकारियों पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ठीक से लागू न करने का आरोप लगाया जा रहा है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मुदित श्रीवास्तव (District Backward Classes Welfare Officer Mudit Srivastava) ने बताया कि विधायक सीताराम वर्मा (MLA Sitaram Verma) और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि द्वारा कुल 16 ट्राई साइकिल, 8 व्हीलचेयर, 4 बैसाखी, 1 कान की मशीन और 1 वॉकिंग स्टिक वितरित की गईं।

उन्होंने शादी अनुदान योजना के तहत प्रमाण पत्र भी बांटे जाने की जानकारी दी। विधायक द्वारा जो व्हीलचेयर दी गई है, वह दिव्यांग संदीप के पिता राम धनी निवासी बनकेपुर थे। दिव्यांग वितरण कार्यक्रम में आने में असमर्थ थे, इसलिए उनके पिता को दी गई। फिर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की कारगुजारी से आम जनमानस में चर्चा का विषय रहा।

यह भी आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने कार्यक्रम को लेकर पहले से कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया था। इसकी कोई सूचना जारी नहीं की गई, जिससे जरूरतमंद लोग योजना का लाभ नहीं उठा पाए। आरोप है कि अधिकारियों ने केवल अपने चहेतों को बुलाकर उपकरण वितरित किए और औपचारिकता पूरी कर ली।

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