लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले (MP Supriya Sule) ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले (MP Supriya Sule) ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सांसद सुप्रिया सुले (MP Supriya Sule) ने कहा कि जंतर-मंतर पर जिस मां का बच्चा था, उस मां पर क्या गुजर रही होगी। यह सोचिए। मैं भी एक मां हूं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई हम बाहर भी लड़ लेंगे, यहां बात छात्रों की है। सुप्रिया सुले ने श्रीकांत शिंदे की स्पीच को ही कोट करते हुए कहा कि क्या हालात बन गए हैं आपकी सरकार में। आपके सहयोगी भी कह रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान ने 15 दिन पहले इस्तीफा दिया होता, तो ऐसा नहीं होता।
मुरली मनोहर जोशी (Murli Manohar Joshi) का तो सुन लेते। सुप्रिया सुले ने शिक्षा व्यवस्था पर घेरा, तब ट्रेजरी बेंच से किसी ने कुछ कहा। इस पर उन्होंने कहा कि हम तो पढ़ गए। तब बिजली भी थी, रास्ते भी थे, ट्रेन भी समय पर चलती थी। बुलेट ट्रेन से नहीं गए पढ़ने। रास्ते भी थे, शायद आपने चौड़े किए होंगे। उसमें भी हमारे किसान बिचारे की जमीन गई। सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज की एसआईटी जांच कराने की मांग की और कहा कि मैं ये नहीं कह रही कि किसने ऑर्डर दिया। समोसा चीन के पैसे से, चाय पाकिस्तान के पैसे से आई है, ये सब अब नहीं चलने वाला। उन्होंने महाराष्ट्र में पुलिस के सामने एक लड़की के अकेले खड़े होने की वायरल तस्वीर का भी उल्लेख किया और कहा कि हमने लड़की को जिसके लिए पढ़ाया, वह ताकत उस लड़की में है।